तुर्कपट्टी। मदरसा की मान्यता पर संचालित हो रहे क्षेत्र के अधिकतर विद्यालयों में मूलभूत सुविधा ही नहीं है। कई विद्यालय टिन शेड या फूस की झोपड़ी में चलाए जा रहे हैं तो किसी ने कोई अपने निजी आवास को ही विद्यालय बना लिया है।
बिना किसी प्रशिक्षित शिक्षक के संचालित इन विद्यालयों में बालक और बालिकाओं के लिए नहीं तो अलग-अलग शौचालय या वॉशरूम मौजूद है और नहीं बालिकाओं के लिए इंसीनेटर की सुविधाएं हैं। अग्निशमन यंत्र या मेडिकल किट से तो इन विद्यालयों का कोई नाता ही नहीं।
कुछ मदरसों बिजली तक की सुविधा नहीं है। सबसे खतरनाक स्थिति उन विद्यार्थियों की है, जिनके विद्यालय के कमरे तो छोटे हैं। बाहर निकलने का रास्ता भी बेहद तंग है। अगर कोई विषम स्थित आई तो बड़ा हादसा होने से इन्कार नहीं किया जा सकता।