पडरौना। स्कूल की छुट्टी के बाद सोमवार दोपहर करीब तीन बजे हरका के समीप बच्चों को छोड़ने जा रही वैन का फाटक खुल गया। उसमेें सवार तीन बच्चे चलती वैन से नीचे गिर गए। इससे वैन में सवार बाकी बच्चों में चीख-पुकार मच गई।
राहगीरों की मदद से घायल बच्चों को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचाया गया। वहां इलाज के कुछ देर बाद बच्चोंं को डाॅक्टर ने छुट्टी दे दी। संयोग ठीक था कि बच्चे जब गिरे तो वाहन की गति तेज नहीं थी और हल्की चोटें आई हैं। हादसे के बावजूद कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं गया और न ही इसकी जानकारी लेना उचित समझा।
क्षेत्र के प्रसादपुर गांव निवासी रामकेवल के सात वर्षीय बेटी उजाला, दारा चौहान की छह वर्षीय बेटी नंदिनी और दुर्गेश्वर के छह वर्षीय बेटा शीतल पडरौना से कुबेरस्थान जाने वाले मार्ग पर मौजूद एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं। रोज की तरह दिन स्कूल से छुट्टी होने के बाद स्कूल वैन से बच्चों को लेकर चालक उनके घर छोड़ने के लिए निकला।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पडरौना-कुबेरस्थान मार्ग पर हरका के पास अचानक वैन का गेट खुल गया और चलती वैन से उजाला, नंदनी और शीतल सड़क पर गिर गए। राहगीरों के शोर मचाने पर चालक ने वैन को रोका। हादसे के बाद घबराए बाकी बच्चों को लोगों ने शांत कराया।
सूचना पर बच्चों के परिजन व स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोग भी पहुंच गए। करीब एक घंटे तक इलाज के बाद बच्चों की स्थिति सामान्य हुआ। इमरजेंसी में तैनात डॉ. मारकंडेय यादव ने बताया कि बच्चों को अधिक चोट नहीं लगी थी, लेकिन हादसा ऐसा हुआ था कि वे घबरा गए थे।