तमकुहीरोड। गोरखपुर बाढ़ खंड के चीफ इंजीनियर व अधिक्षण अभियंता ने अन्य अभियंताओं के साथ शनिवार को एपी बांध पर स्वीकृत परियोजना स्थल और वहां चल रहे बचाव कार्यो का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने बाढ़ बचाव कार्यों को गुणवत्तापूर्ण व मानसुन सत्र शुरू होने से पहले पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने चेताया कि बचाव कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नही की जाएगी। सेवरही क्षेत्र में नरवाजोत से अहिरौलीदान तक 17.5 किलोमीटर की लंबाई में गंडक नदी बहती है। इस बांध के किनारे बीस हजार से अधिक लोग निवास करते हैं। बांध की सुरक्षा को लेकर आगामी मनासून सत्र में बचाव कार्यो को लेकर शासन की ओर से 72 करोड़ की लागत से सात परियोजनाओं की मंजूरी दी गई है। इसमे एपी बांध के जवही दयाल में किमी 4.400 पर 12.14 करोड़, विरवट कोन्हवलिया में किमी 7.001 पर 10.77 करोड़ और किमी 7.200 पर 11. 23 करोड़ की लागत से निर्माण की जाने वाली तीन परियोजनाओं का कार्य आरंभ भी कराया जा चुका है। इन्ही बचाव कार्यो का शनिवार को गोरखपुर के चीफ इंजीनियर विकास कुमार सिंह व अधिक्षण अभियंता जेपी सिंह, अधिशासी अभियंता एमके सिंह, एसडीओ दीपरतन सिंह ने अन्य अवर अभियंताओं के साथ परियोजना स्थलों व बाढ़ बचाव कार्य का निरीक्षण किया।
तटबंधों पर होने वाले संभावित खतरे के बारे में अभियंताओं से जानकारी ली, साथ ही गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने के निर्देश दिए। चीफ इंजीनियर ने कहा कि बाढ़ व कटान की समस्या बांध के किनारे बसे आबादी से जुड़ा है। इसलिए बांध बचाव कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नही की जाएगी। इस दौरान बाढ़ खंड के जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील यादव, जेई विनोद शर्मा, जेई रामचंद्र प्रसाद, जेई अमर श्रीवास्तव आदि भी मौजूद रहे।