तमकुहीरोड। सेवरही क्षेत्र में बुधवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाओं ने चार दिवसीय चैती छठ व्रत का समापन किया। भोर में ही डाला के साथ महिलाओं के छठ घाटों पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। व्रती महिलाओं ने पहले वेदियों पर छठ माता की पूजा की और उगते सूर्य को अर्घ्य देकर संतान की लंबी उम्र की कामना की।
सेवरही क्षेत्र में लोक आस्था का चैती छठ पर्व आस्था व भक्ति भाव से मनाया गया। 22 मार्च को नहाय खाय के साथ शुरू हुआ चैती छठ व्रत बुधवार को उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ संपन्न हो गया। भोर से ही ...उग हे सुरुदेव भिनभिनसरवा अरघ के बेरवा...जैसे परंपरागत छठ महिमा के गीतों के साथ छठ घाटों पर पहुंचीं। गन्ना, केला, नारियल, कच्ची हल्दी, कच्ची अदरक, मूली, अनन्नास जैसे मौसमी फल एवं पूजा सामग्री से वेदियों पर छठ माता की पूजा कीं।
इसके बाद नदी व सरोवर के पानी में खड़ी होकर सूर्य के उदय होने तक आराधना कीं। जैसे ही पूरब दिशा में लालिमा दिखी अर्घ्य अर्पण की प्रक्रिया शुरू हो गई और उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अनुष्ठान पूरा किया। क्षेत्र में यह पर्व शिवा घाट, दमकला घाट, गौरी घाट, गोला घाट, मलाही घाट, पिपरा घाट, शिव मंदिर पोखरा, महाबीर नगर, कतौरा, रानी गंज, राजपुर खाश, ब्रह्मपुर, पिरोजहा, राजपुर बगहा, मिश्रौली, जगदीशपुर, दाहुगंज, जंगलीपट्टी, सुमही संतपट्टी आदि छठ घाटों पर आस्था व भक्ति के साथ मनाया गया।
सेवरही के बांसी नदी के तट पर सूर्य को अर्घ्य देती व्रती महिलाएं।स्रोत-सोशल मीडिया
सेवरही के बांसी नदी के तट पर सूर्य को अर्घ्य देती व्रती महिलाएं।स्रोत-सोशल मीडिया