पकवा इनार। कुशीनगर महोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार की शाम को बौद्ध कालीन हिरण्यवती नदी के बुद्धा घाट पर गंगा आरती का आयोजन किया गया। इसमें देर रात तक भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम चलता रहा।
महोत्सव में मंगलवार की शाम काशी के विद्वानों और पुरोहितों ने पूजा अर्चना के बाद हिरण्यवती नदी के बुद्धा घाट पर भव्य गंगा आरती की। गंगा आरती के समय मंत्रोच्चारण के साथ हर- हर गंगे का जयघोष किया गया। इस दौरान काशी से आए सत्यम तिवारी, कौशल तिवारी, हिमांशु मिश्र, युवराज पांडेय व आदर्श पांडेय शामिल थे।
इसके बाद भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भोजपुरी भजन गायक मनोज मिश्र मिहिर, गोलू मौर्य, राधेश्याम त्यागी, धीरज राव व शांतुन शैलेश की तरफ से भजन प्रस्तुत किया गया।
इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक पीएन पाठक ने कहा कि पूजा-अर्चना और गंगा आरती का मकसद नदी को निर्मल बनाए रखना है। यह हर व्यक्ति के कार्य व्यवहार से ही संभव है।
महोत्सव के आयोजक विनय राय ने कहा कि हिरण्यवती नदी के बुद्धा घाट पर इस कार्यक्रम को आयोजन करने का उद्देश्य यह है कि यहां महात्मा बुद्ध ने महापरिनिर्वाण प्राप्त किया। यह बौद्ध भिक्षुओं व धर्मावलंबियों के लिए पवित्र और पूजनीय आस्था का केंद्र है। इसकी पहचान पूरे देश में ही नहीं, विश्व के सभी बौद्ध देशों में है। यहां प्रत्येक वर्ष लाखों की संख्या में बौद्ध भिक्षुओं व देश-विदेश के पर्यटकों की आवक होती।
कार्यक्रम का संचालन ने किया। इस कार्यक्रम में भंते महेंद्र, चेयरमैन किरन जायसवाल, चेयरमैन प्रतिनिधि राकेश जायसवाल, शैलेन्द्र सिंह, अमिय गुप्त, कस्तूर चंद जायसवाल, राजेश मद्धेशिया, पवन जायसवाल, केशव सिंह, पुनीत पांडेय, अजय सिंह, उमेश चंद्र गुप्ता, दुर्गेश चतुर्वेदी, किशोर, कुश मद्धेशिया, कृष्ण कुमार तिवारी, मत्स्य राज सिंह, रजनीश जायसवाल, अरुण गुप्ता, बृजेश मद्धेशिया सहित अन्य लोग मौजूद थे।