जीका वायरस, मलेरिया और डेंगू के केस नहीं, सावधानी जरूरी
- मच्छरों से बचाव के लिए कालाजार रोगियों में वितरित की जाएगी मच्छरदानी
- जागरुकता, टेस्टिंग, फांगिंग पर दिया जा रहा जोर : सीएमओ
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। दूसरे देशों में कोरोना महामारी का खतरा एक बार फिर बढ़ता जा रहा है, जिसे लेकर वहां सावधानी बरती जाने लगी है। अपने देश में भी जीका वायरस ने पांव फैलाना शुरू कर दिया है। इन बीमारियों के अलावा मलेरिया, डेंगू और कालाजार से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से तैयारी शुरू कर दी गई है।
कोरोना महामारी का खतरा अमेरिका, आस्ट्रेलिया, यूरोप सहित अन्य देशों में फिर से बढ़ने लगा है। इस महामारी के केस बढ़ने की वजह से वहां बचाव के उपाय अपनाए जाने लगे हैं। इसी तरह जीका वायरस ने भारत में भी पांव फैलाना शुरू कर दिया है। हालांकि कुशीनगर जनपद में अभी इन बीमारियों के मरीज नहीं मिले हैं, लेकिन सावधानी जरुरी है। इसके बावजूद लोग बेफिक्र होकर घूम रहे हैं। इससे बचाव के लिए कोई सतर्कता नहीं दिख रही है। भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर तो और अधिक लापरवाही है। खासकर अस्पताल, बाजार, त्योहार में यह अक्सर देखा जा रहा है।
जहां तक मलेरिया की बात है तो स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस बीमारी का कोई मरीज इस साल नहीं मिला है। डेंगू के छह केस अब तक मिले हैं, लेकिन मौजूदा समय में कोई सक्रिय मरीज नहीं है। कालाजार से बचाव के लिए भी इंतजाम किए जा रहे हैं।
सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने बताया कि जीका वायरस, डेंगू और मलेरिया का जिले में कोई मरीज नहीं है। डेंगू के पूर्व में छह मरीज मिले थे। अब कोई सक्रिय मरीज नहीं है। फिर भी सावधानी के तौर पर जिला अस्पताल में छह बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है। कालाजार से बचाव के लिए 1500 मच्छरदानी का प्रबंध किया गया है, जो पूर्व में कालाजार प्रभावित रहे गांवों में वितरित की जाएगी। इसके अलावा लोगों को इन बीमारियों से बचाव के लिए जागरुक किया जा रहा है। ऐसे लक्षणों वाले लोगों की टेस्टिंग और फांगिंग पर पूरा जोर दिया जा रहा है। जिनमें बुखार के लक्षण मिल रहे हैं, उनकी कोरोना जांच कराई जा रही है।
00000
राकेश कुमार गौंड़ ।