पडरौना। कभी धूप तो कभी बारिश का सीधा असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। मौसम में बदलाव से बच्चों में पेट दर्द, उल्टी और दस्त के मामले बढ़ गए हैं।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना 30-40 बच्चे पेट की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इसकी मुख्य वजह बाहर का फास्ट फूड, बासी खाना और दूषित पानी है। बरसात में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं इसलिए इस मौसम में खान-पान पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
मेडिकल कॉलेज की बाल रोग ओपीडी में पिछले एक हफ्ते में पेट दर्द के मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। बाल रोग विभाग के एचओडी डॉ. सप्तऋषि भट्टाचार्य ने बताया कि रोजाना 35-40 बच्चे पेट दर्द, उल्टी, दस्त और बुखार लेकर आ रहे हैं।
जांच में ज्यादातर मामलों में फूड प्वाइजनिंग और वायरल गैस्ट्रोइंटराइटिस निकला है। उन्होंने बताया कि बारिश में नमी और गर्मी के कारण खाना जल्दी खराब होता है। सड़क किनारे बिकने वाले चाउमिन, मोमोज, गोलगप्पे और कटलेट में गंदा पानी और तेल इस्तेमाल होता है।
इसी से ई-कोली और रोटा वायरस का संक्रमण हो जाता है। उन्होंने बताया कि तेज पेट दर्द और मरोड़, बार-बार उल्टी-दस्त, बुखार, कमजोरी और भूख न लगने जैसी दिक्कत हो तो तत्काल डॉक्टर से सलाह लेकर ही दवा लें।