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Kushinagar News: धर्मांतरण के मामले में महिला पर केस, नेटवर्क पर नजर

Tue, 08 Jul 2025 12:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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कुशीनगर/दुदही। विशुनपुरा थाना क्षेत्र के बतरौली धुरखंडवा गांव में रविवार को ईसाई मशीनरी द्वारा धर्मांतरण कराने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और देर रात को प्रार्थना सभा का आयोजन कराने वाली महिला पर केस दर्ज कर लिया। यह कार्रवाई राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की पहल के बाद हुई। दुदही इलाके में मशीनरी का नेटवर्क गांव-गांव तक फैला है, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को लालच देकर ईसाई धर्म से जोड़ने का खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है। सात माह पूर्व भी इसी थाना क्षेत्र में धर्मांतरण का मामला सामने आया था। इसमें आरोपी महिला के पति पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। बजरंगदल के नेताओं के हस्तक्षेप के बाद दोनों मामले में भंडाफोड़ हुआ, लेकिन इसकी भनक जांच एजेंसियों को नहीं लग रही है। लोहरपट्टी निवासी, बजरंग दल कार्यकर्ता सचिन कुशवाहा की ओर से पुलिस को दिए गए तहरीर में आरोप लगाया गया है कि सरोज पत्नी हेमराज निवासी बतरौली धुरखंडवा इमिलिया टोला अपने गांव में टेंट लगाकर आर्थिक रूप से कमजोर गरीब तपके की महिलाओं व पुरूषों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।
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इनका नेटवर्क गांवों में फैला है। हिंदू महिला-पुरूषों को भ्रम में डालकर धर्मांतरण कराया जा रहा है। पुलिस ने सरोज देवी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आरोपी महिला का पति हेमराज 25 दिसंबर 2024 को अपने गांव में टेंट लगाकर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा था। इस मामले में संजय शर्मा निवासी नगर पंचायत दुदही के तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है।
दंपती विशुनपुरा थाना क्षेत्र के गांवों में जाकर बस्तियों में रहने वाले लोगों को आर्थिक लालच देने के अलावा उनको गुमराह कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए कह रहे हैं। पूर्व में भी आरोपियों की शिकायत पुलिस तक पहुंच चुकी है।
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20 दिसंबर 2024 को शाहपुर खलवा पट्टी में मध्य रात में पादरी द्वारा लोगों को बहला फुसलाकर झाड़-फूंककर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। इस मामले में राष्ट्रीय बजरंग दल के नगर प्रमुख बबलू सनातनी ने केस दर्ज कराया था। पुलिस की कार्रवाई के बाद भी ईसाई धर्म में शामिल कराने को लेकर बढ़ी सक्रियता कम नहीं दिख रही है। हिंदूवादी नेताओं का आरोप है कि गोपनीय जांच एजेंसियों को धर्मांतरण की जानकारी क्यों नहीं हो रही है, यह एक बड़ा सवाल है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
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