कसया। कोर्ट के आदेश के बावजूद एक दरोगा और दो सिपाही हाजिर नहीं हुए। कोर्ट के आदेश पर कसया थाने में तीनों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इसके बावजूद हाजिर नहीं होने पर इनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। अधिवक्ता से अभद्रता के मामले में कोर्ट में परिवाद दाखिल है। कसया थाना क्षेत्र के अंध्या टोला हतवा निवासी अधिवक्ता इमाम हसन के गांव के एक युवक को वर्ष 2009 में कसया थाने पर तैनात दरोगा विनोद कुमार, सिपाही नागेंद्र सिंह, दीनानाथ कन्नौजिया किसी मामले में घर से उठाकर लाए थे। थाने पर पहुंचे अधिवक्ता इमाम हसन के साथ तीनों ने लोगों ने अभद्रता की और फर्जी मुकदमे जेल भेजने की धमकी दी। अधिवक्ता ने कोर्ट में तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ परिवाद दाखिल किया। इस मामले में वर्ष 2016 में पुलिसकर्मियों ने कोर्ट से जमानत भी करा ली था, लेकिन इस मुकदमे में सुनवाई चल रही थी और गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी तीनों पुलिसकर्मी कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे थे। अपर सत्र न्यायालय कोर्ट नंबर एक ने 17 सितंबर 2024 को तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। बावजूद इसके कसया पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया और टालमटोल करती रही।
दोबारा कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद एसएसआई प्रविंद्र कुमार राय की तहरीर पर कसया पुलिस ने एक दरोगा और दो सिपाहियों पर केस दर्ज किया। इस बाबत थानाध्यक्ष ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश का अवहेलना करने के मामले में एक दरोगा और सिपाहियों पर केस दर्ज किया गया है। इसकी विवेचना की जा रही है। संवाद