कसया। अभाविप के स्थापना दिवस एवं राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस पर बृहस्पतिवार को सरस्वती शिशु मंदिर सभागार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए स्वामी विवेकानंद के विचारों को जीवन में अपनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एबीवीपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं क्षेत्रीय छात्रा प्रमुख प्रो. सुषमा पांडेय सहित अन्य अतिथियों ने स्वामी विवेकानंद और मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्य वक्ता प्रो. सुषमा पाण्डेय ने कहा कि विद्यार्थी किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं और वही देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की उन्नति उसके युवाओं के ज्ञान, संस्कार, चरित्र और देश के प्रति समर्पण की भावना पर निर्भर करती है। स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं में समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने की अद्भुत क्षमता है। यदि विद्यार्थी अनुशासन, आत्मविश्वास और सेवा भाव के साथ आगे बढ़ें तो वे देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक तैयार करना भी है।
विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों, पर्यावरण संरक्षण, नवाचार और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एबीवीपी के प्रांत सहमंत्री अजय कुशवाहा ने परिषद की स्थापना, कार्यपद्धति और छात्र हित में किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एबीवीपी स्थापना काल से ही छात्र शक्ति, राष्ट्र शक्ति के संकल्प के साथ कार्य कर रही है और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।