पडरौना। आम बजट में महिलाओं और कर्मचारियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। टैक्स स्लैब बढ़ाने से कामकाजी महिलाएं खुश हैं, वहीं पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा उन्हें साल रहा है। इस बार उन्हें काफी उम्मीद थी कि पुरानी पेंशन को लेकर कोई अहम फैसले लिए जाएंगे, पर ऐसा नहीं हुआ।
नौकरीपेशा और किसानों के लिए राहत भरा बजट है। जहां नौकरी पैसा के लिए 12 लाख वार्षिक आय पर टैक्स शून्य है, वहीं किसान के लिए केसीसी की सीमा तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये तक कर दी गई है। इससे किसानों को भी फायदा होगा।
- सुनील कुमार पांडेय, शिक्षक
12 लाख रुपये तक आयकर से मुक्त रखने से निश्चित तौर पर नौकरी पेशा लोगों को राहत मिलेगी, जो सराहनीय है। कर्मचारियों को पुरानी पेंशन को लेकर सरकार से बड़ी उम्मीद थी। लेकिन पुरानी पेंशन बहाल करने की दिशा में बजट में कोई हो प्रावधान नहीं होने से कर्मचारी निराशा हैं।
- राजीव यादव, प्रदेश महामंत्री, उतर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट)।
- बजट में पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा न होने से शिक्षक कर्मचारी में निराश हैं। आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा के बाद देश भर के कर्मचारियों को बजट में पुरानी पेंशन बहाली की उम्मीद जागी थी, लेकिन बजट ने हमें निराश किया।
- रूबी रश्मि, शिक्षक।
कर्मचारी व शिक्षकों को झुनझुना थमा दिया गया। उम्मीद थी कि इस बार पेंशन को लेकर निर्णायक फैसले लिए जाएंगे। मगर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट में उसका जिक्र न होना काफी निराश करने वाला है।
- प्रकृति कुशवाहा, शिक्षक।