पडरौना। सदन में शनिवार को प्रस्तुत बजट को सत्तापक्ष के नेता सराहना कर रहे हैं, वहीं विपक्ष के नेता इस बजट को निराशजनक बताते हुए युवाओं, किसानों और सामान्य परिवार के लिए छलावा बताया है।
बजट में पर्यटन विकास के लिए विशेष पैकेज की व्यवस्था की गई है। इससे कुशीनगर में स्थित पर्यटन केंद्रों का विकास को पंख लगेगा। इसके अलावा अलावा मेडिकल कॉलेजों में सीट बढ़ाने और किसानों की दशा सुधारने के लिए विशेष पहल हुई। यह बजट समृद्ध, आत्मनिर्भर और वैभवशाली भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लोगों की आवश्यकताओं को संवेदनशीलता से समाहित किया गया है। वित्त मंत्री ने स्वस्थ भारत की संकल्पना को साकार करते हुए 36 जीवन रक्षक दवाओं पर सीमा कर पूरी तरह से समाप्त करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
- विजय कुमार दुबे, सांसद, कुशीनगर।
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मोदी सरकार ने मिडिल क्लास के लोगों को बड़ी राहत देते हुए सालाना 12 लाख तक की आय को टैक्स मुक्त करने का ऐतिहासिक कदम उठाया है। यह निर्णय नौकरीपेशा और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ा तोहफा है। यह निर्णय स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि मिडिल क्लास हमेशा प्रधानमंत्री के दिल में है।
- आरपीएन सिंह, राज्य सभा सांसद।
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शानदार बजट है। सरकार ने 12 लाख तक टैक्स में छूट देकर मध्यम वर्गीय परिवार, कर्मचारी और व्यापारियों को बढ़ी राहत दी है। उनके रुपये बचने से उनका और उनके परिवारों का सर्वांगीण विकास होगा। बजट से आह्लादित हैं।
- मनीष जायसवाल, सदर विधायक।
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12 लाख तक की आय कर मुक्त कर मध्यम वर्गीय परिवारों को एक अत्यधिक बड़ी राहत प्रदान की गई है, जिससे उनके जीवन में सहजता, समृद्धि और आर्थिक स्वतंत्रता की नई राह खुलेगी। इस निर्णय से मध्यम वर्ग को न केवल वित्तीय राहत मिलेगी, बल्कि उनके सामर्थ्य में भी वृद्धि होगी, जिससे वे अपनी आकांक्षाओं को और भी साकार कर सकेंगे।
- सुरेंद्र सिंह कुशवाहा, विधायक, फाजिलनगर।
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वरिष्ठ नागरिकों के लिए कर छूट दोगुनी कर उनके सम्मान को ऊंचा किया गया है, जबकि टीडीएस की सीमा 10 लाख तक बढ़ाकर व्यवसायियों को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही, चार वर्षों तक आईटी रिटर्न दाखिल करने की सुविधा करदाताओं के लिए बड़ी सुविधा प्रदान की गई है, जिससे उनके लिए कर प्रशासन को सरल और पारदर्शी बनाया गया है।
- विनय प्रकाश गौड़, विधायक रामकोला।
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केंद्रीय बजट 2025-26 को आमजन के सशक्तिकरण का प्रतीक बताया है। मोदी सरकार का यह बजट मध्यम वर्गीय परिवारों के उत्थान के प्रति सरकार की गहरी संवेदनशीलता को प्रकट करता है। इस बजट ने उन परिवारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाया है, जो देश के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।
- पीएन पाठक, विधायक, कुशीनगर।
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यह बजट हर भारतीय के सपना को साकार करने वाला है। विकसित भारत का सपना को सरकार कर आत्मनिर्भर भारत के लिए बल देने वाला बजट है। बजट अंतिम व्यक्ति के विकास में मददगार है। इसमें सभी वर्गों के लिए कुछ न कुछ है।
- विवेकानदं पांडेय, खड्डा विधायक।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने लोगों के उम्मीद से अधिक बजट में सामान्य परिवारों को तरजीह दी है। 12 लाख रुपये तक की कमाई करने वाले लोगों को अब कोई टैक्स नहीं देना होगा। यह बड़ी राहत है।
- मोहन वर्मा, विधायक, हाटा।
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आम बजट देश व समाज के हित में प्रस्तुत किया गया है। इसके लिए देश के प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री को बधाई। बजट में महिलाओं, युवा वर्ग, किसान आदि को ध्यान में रख कर प्रस्तुत किया है। बजट का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति को लाभ पहुंचाने वाला है।
- डॉ. असीम कुमार, विधायक, तमकुहीराज।
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बजट बहुत ही संतुलित, समावेशी और विकास को बढ़ावा देने वाला है। यह बजट विकसित भारत के संकल्प को गति देने वाला है। बजट में गरीब और किसान का कल्याण है, वंचितों का सम्मान है और नारी शक्ति व मध्यम वर्ग का उत्थान समाहित है।
- दुर्गेश राय, जिलाध्यक्ष, भाजपा।
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शिक्षित, बेरोजगार, युवा, मजदूर और लघु, सीमांत किसानों व छात्रों के अलावा गरीबों के लिए बजट में कोई व्यवस्था नहीं है। यह बजट महज बिहार व दिल्ली का चुनावी बजट है। मध्यम वर्ग को 12 लाख तक की आय पर कर की छूट के साथ एक सप्ताह में फिर कर बिल ले आने की बात नियत पर संदेह पैदा करती है।
- - मोहम्मद शुकरूल्लाह अंसारी, जिलाध्यक्ष सपा।
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यह बजट पूर्णतया देश के लिए निराशा का बजट है। बजट में शिक्षा और रोजगार को दरकिनार किया गया है। युवाओं के रोजगार के लिए कोई ब्लू प्रिंट नहीं है। किसानों की आय को कैसे प्रमोट किया जाए, इसकी कोई व्यवस्था नहीं है। इस बार फिर पूरा देश ठगा महसूस कर रहा है।
- ऋषिकेश मिश्र, जिलाध्यक्ष कांग्रेस।
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केंद्रीय बजट विकासोन्मुखी दिखने के लिए होता है। बुनियादी ढांचे, कृषि और विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। लेकिन, करदाताओं, स्वास्थ्य, शिक्षा और महंगाई से जूझ रहे लोगों के लिए यह ज्यादा राहत नहीं ला सकेगा। देश में आम आदमी की मूलभूत आवश्यकताएं शिक्षा और स्वस्थ हैं, लेकिन सरकार का फोकस उसपर नहीं है।
- रमेश कुमार, जिलाध्यक्ष, बसपा।