हिरण्यवती नदी के सुंदरीकरण का चल रहा काम। संवाद
कुशीनगर। बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में पर्यटन स्थलों के विकास के लिए पर्यटन विभाग द्वारा 61 करोड़ की लागत से कार्य कराया जा रहा है। इससे पर्यटकों को सहूलियत होगी। हालांकि कुछ परियोजनाओं का कार्य सुस्त गति से चल रहा है। पर्यटन विभाग को चाहिए कि विकास कार्यों की नई सूची पर ध्यान देने के साथ पूर्व में निर्मित परियोजनाओं को भी शुरू कराए। कुशीनगर में पर्यटन विभाग के वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 61 करोड़ से पर्यटन स्थलों पर कार्य हो रहा है। जिसमें हिरण्यवती नदी के सौंदर्यीकरण के साथ बौद्ध विहारों पर पर्यटन सुविधाओं में वृद्धि के लिए कार्य किए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रवेश मार्गों पर गेटों का निर्माण कराया जा रहा है।
दूसरी ओर पर्यटकों के ध्यान के लिए नवनिर्मित विपश्यना उपवन शुरू नहीं हो सका है। इसके अलावा लजीज व मनपसंद व्यंजनों को परोसने के लिए बना फूड प्लाजा भी वीरान पड़ा है। इसके अलावा भी ऐसी कई परियोजनाएं है जहां करोड़ों खर्च करने के बाद भी पर्यटन बढ़ावा को बढ़ावा देने के लिए नवनिर्मित परियोजनाएं धूल फांक रही है।