बताया जा रहा है कि पिछली बार हुई परीक्षा में वह दो विषयों की सप्लीमेंट्री में फेल हो गया था, जिसके कारण उसकी एमबीबीएस डिग्री रोक दी गई थी। अब मेडिकल काउंसिल की नई व्यवस्था के तहत उसे आखिरी मौका दिया जा रहा है। यदि वह आगामी परीक्षा में दोनों विषयों में सफल हो जाता है तो उसे एमबीबीएस की डिग्री प्रदान कर दी जाएगी।
यह मामला वर्ष 2010 बैच से जुड़ा है लेकिन इसी तरह 1998, 2008 और 2013 बैच के तीन अन्य छात्रों का परिणाम भी वर्षों से लंबित है। हालांकि, इनमें एक मामला कोर्ट में है। इन छात्रों का रिजल्ट भी निर्धारित समय सीमा के भीतर परीक्षा पूरी न कर पाने के कारण रोका गया था। जनवरी माह में इन पुराने मामलों की समीक्षा के दौरान दस वर्ष से अधिक समय तक परीक्षा पास न कर पाने वाले छात्रों के परिणाम पर पुनर्विचार किया गया।
पुराने एमबीबीएस छात्र की दो विषयों की सप्लीमेंट्री परीक्षा कराई जानी है। यदि छात्र परीक्षा में सफल होता है तो डिग्री जारी कर दी जाएगी। एमसीआई के नियमों का पालन किया जा रहा है। वर्ष 2023 से नए नियमों के बदलाव से किसी भी छात्र को दस वर्ष के भीतर परीक्षा पास करनी होगी: डॉ. राम कुमार जायसवाल, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज