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Kushinagar News: सावधान ! चमकदार दाल कर सकती है बीमार

Mon, 20 Jan 2025 12:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना। हर चमकीली दाल अच्छी नहीं होती! चमक देखकर खरीदी गई दाल से न सिर्फ आपको चूना लग सकता है, बल्कि सेहत के लिए भी यह खतरनाक हैं। खाद्य विभाग की ओर से तीन माह पहले जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए दाल के दस नमूनों में सभी फेल हो गए हैं।
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इसलिए अगर आप बाजार से दाल खरीदने जा रहे हैं तो सावधानी के साथ दाल की खरीदारी करने की जरूरत है। इन दिनों बाजार में मिलावटी दाल बेची जा रही रही है। यही नहीं खराब दाल को ताजा और चमकीला दिखने के लिए उसमें काफी मात्रा में रंग मिलकर उसे पॉलिश कर दिया जा रहा है। जिससे इसकी सूरत तो बदल जा रही है, लेकिन इस्तेमाल करने पर यह नुकसानदायक है।
दाल में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं। दाल का सेवन करने पर उच्च मात्रा में प्रोटीन और फाइबर भी मिलता है। ऐसे में डॉक्टर लोगों को नियमित दाल का सेवन करने की सलाह देते हैं। इसलिए दाल हर घर में अनिवार्य रूप से बनती है। मिलावट के कारोबारी इसी का फायदा उठा रहे हैं। वे खराब और काफी दिनों की पुरानी दाल में रंग मिलाकर उसे चमकीला बना दे रहे हैं। इससे ग्राहक चमकीली दाल को ताजा और सबसे बेहतर समझ कर इसे खरीद लेते हैं। जब लोग इसका सेवन करते हैं, तब उन्हें दाल के खराब होने की जानकारी मिलती है। ऐसे में उनके पास पछतावे के अलावा कुछ शेष नहीं बचता है।
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अरहर दाल में मिलावट की पहचान : अरहर दाल में उससे मिलते जुलते रंग वाले सस्ती दालों की मिलावट की जाती है। अरहर की दाल में खेसारी दाल की भी मिलावट की जा सकती है। यह अरहर दाल के आकार से थोड़ा भिन्न होता है। इस आधार पर आप पहचान सकते हैं। चने की कई किस्में होती है। कोई चना बड़ा तो कोई छोटा होता है। किसी का रंग अधिक भूरा तो किसी का कम होता है। ऐसा माना जाता है बेहतर क्वालिटी का चना हल्के भूरे रंग होता है। उसकी कीमतें अधिक होती है। इसकी दाल स्वादिष्ट होती हैं। खराब किस्म के चने की दाल की मिलावट अच्छी किस्मों के चने की दाल में की जाती है। इन दालों की आकार के जरिए मिलावट को पहचान सकते हैं। इसी तरह मूंग की दाल स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद मानी जाती है।
तबीयत खराब होने पर अक्सर डॉक्टर मूंग की दाल की खिचड़ी खाने की सलाह देते हैं। इसलिए यह दाल महंगी होती है। यह देखते हुए इसमें मिलावट की गुंजाइश अधिक होती है। मूंग दाल मिलती-जूलती दूसरे जंगली पौधे के बीज की मिलावट की जाती है। उसमें मूंग की दाल की तरह रंग मिलाकर मूंग दाल में मिलावट की जाती है। मूंग दाल को पानी से धोकर चेक कर सकते हैं कि मिलावट हुई है या नहीं। कभी अधिक चमक के लिए भी मूंग की दाल में रंग मिलाए जाते हैं।
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100 ग्राम दाल में ये पोषक तत्व : 25.8 ग्राम प्रोटीन, दो ग्राम शुगर, 30.5 ग्राम फाइबर, 60 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, छह मिलीग्राम सोडियम मिलता है।
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