पडरौना। जिले के अंतिम छोर पर बसे सीमावर्ती बरवापट्टी का इलाका भौगोलिक परिस्थिति और बिहार पश्चिम चंपारण के बगहा अनुमंडल क्षेत्र से जुड़े होने के कारण एक नियमित अंतराल पर चर्चा में बना रहता है। इस रूट से गोवंश और मादक पदार्थों की तस्करी तो होती ही है।
आसपास के क्षेत्र समय समय पर चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने से भी शातिर बाज नहीं आते हैं। अपराधिक घटनाओं में बाधक बनने वालों को वह मौत के घाट उतार देते हैं।
सूत्रों के अनुसार, सोमवार भोर में भी यही हुआ जब बरवापट्टी थाने के अमवाखास टोला कपरधिक्का के शिव मंदिर के 65 वर्षीय पुजारी फलाहारी दास की अज्ञात बदमाशों ने गला रेतकर हत्या कर दी। सूत्रों के अनुसार जब से डीआईजी के निर्देश पर शिव मंदिर पर सीसी टीवी कैमरे लगाए थे तबसे बदमाशों में इसको लेकर नाराजगी थी और लगातार बाबा को कैमरे बंद कर हटाने को लेकर वह दबाव बना रहे थे।
बताया जा रहा है कि इसके पहले भी इस क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों का बोलबाला रहा है। 2019 में चंचल शाह नाम के अधेड़ की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। तब उन्होंने बकरी चुराते बदमाशों को देख लिया था। पिछले वर्ष जीरो बंधे पर दुष्कर्म के बाद बुजुर्ग महिला से एक नशेड़ी ने दरिंदगी की थी।
तस्करी की रोकथाम के लिए पुलिस ने लगाए थे कैमरे : दुदही और आसपास बसे अधिकांश लोगों की खेती दियारा में बंधा उस पार है। खेती के लिए लोग बंधे को पार कर जाते हैं। पुलिस ने कई बार यहां शराब और गोवंश की तस्करी करते हुए तस्करों को पकड़ा है। जगह को संजीदा मानते हुए डीआईजी के निर्देश पर पुलिस ने सीसी टीवी कैमरे लगाए थे। शराब और पशुओं की खेप को इधर-उधर करने वालों के लिए यह रूट बड़ा कारगर साबित होता था।