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बैंकों की हड़ताल से 50 करोड़ का कारोबार प्रभावित

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बैंक के बाहर लगा हड़ताल की सूचना को पढता युवक । - फोटो : KUSHINAGAR
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बैंकों की हड़ताल से 50 करोड़ का कारोबार प्रभावित
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पडरौना। अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ के आह्वान पर मंगलवार को बैंकों की हड़ताल का पडरौना शहर में भी असर दिखा। बैंकों पर ताले लटके होने से इस त्योहारी सीजन में 50 करोड़ रुपये की चपत लगने का अनुमान है।
अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) और भारतीय बैंक कर्मचारी महासंघ (बीईएफआई) के आह्वान पर मंगलवार को लिपिक संवर्ग के बैंककर्मी हड़ताल पर रहे। पडरौना शहर के पीएनबी, एसबीआई, सेंट्रल बैंक समेत कई बैंकों पर ताले लटके रहे, जिससे दूर दराज के ग्राहकों को परेशानी झेलनी पड़ी। कर्मचारियों की मांग की थी कि बैंकों का विलय रोका जाए, खराब ऋणों की वसूली सुनिश्चित किया जाए। चूककर्ताओं पर कठोर कार्रवाई की जाए, दंडात्मक शुल्कों से ग्राहकों को उत्पीड़न न किया जाए एवं सेवा प्रभारों में वृद्घि की जाए, जमा राशि पर ब्याज दर बढ़ाई जाए, आजीविका एवं आजीविका सुरक्षा पर हमले बंद हों तथा बैंकों में पर्याप्त मात्रा में भर्ती की जाए। लीड बैंक मैनेजर एचके चौबे का कहना है कि जिले में विभिन्न बैकों की 210 शाखाएं हैं। जिनमें पूर्वांचल बैंक की 80 शाखओं के कर्मचारी हड़ताल पर नहीं थे। शेष 130 शाखाओं में से करीब 90 में कामकाज प्रभावित रहा। लगभग 50 करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा।
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त्योहारी सीजन में हड़ताल ग्राहकों पर पड़ी भारी
पडरौना। दीपावली व छठ जैसे त्योहार सिर पर हैं। इस दौरान बैंक कर्मियों की हड़ताल से ग्राहकों को परेशानी हुई।
मंगलवार को सुबह दस बजे से ही पंजाब नेशनल बैंक की सुभाष चौक खाता से रुपये निकालने पहुंचीं पिपरा जटामपुर गांव की आरती देवी ने कहा कि छठ का त्योहार नजदीक है। कपड़े आदि खरीदने के लिए खाते से रुपये निकालने पहुंचीं तो बैंक बंद मिला।
सेमरा हर्दो गांव की तेतरी देवी ने कहा कि बैंककर्मियों की हड़ताल से परेशानी हो रही है। अब इस समय रुपये किससे मांगे जाएं।
जंगल बेलवा की रहने वाली सरस्वती देवी ने कहा कि बैंक में हड़ताल के चलते आना बेकार हुआ। किराया भी लगा और वक्त भी बर्बाद हुआ।
किन्नरपट्टी गांव की मालती देवी ने कहा कि घर के जरूरी खर्चे के लिए नकदी की जरुरत थी।
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