खड्डा। चक्रवात से केले की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा आम और लीची के फल भी प्रभावित हुए हैं। डीएम के आदेश पर राजस्व टीम फसलों के क्षति का आकलन करने में जुटी है।
शुक्रवार की शाम आई तेज आंधी से पकड़ी बृजलाल, हनुमानगंज, लक्ष्मीपुर पडरहवा, तुर्कहा, सिसवा गोपाल, सारंग छपरा, अहिरौली, करदह, बेलवनिया, रामनगर, रामपुर जंगल, बोधीछपरा, केशव छपरा, धरनी पट्टी, डोमन छपरा, मिश्रौली, तिनबरदहा, पडरही, तुर्कही, अर्जुनही, नरकहवा आदि गांव में केले की फसल को अधिक नुकसान पहुंचाया है। किसानों के खेत में खड़ी फसलों में 30 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। पकड़ी बृजलाल गांव निवासी किसान अमृत्यांशु सिंह उर्फ गुड्डु, लक्ष्मीपुर पडरहवा निवासी आनंद चौहान, सद्दाम, पारसनाथ, अवधेश, कुंजविहारी, पंकज तुलस्यान, हीरालाल आदि ने बताया कि काफी परिश्रम कर फसल लगाया था। अब फल लगने लगा था, तभी अचानक सब कुछ तबाह हो गया। अमृत्यांशु सिंह बताते हैं कि केले का पौधा लगाने से तैयार होने तक करीब 130 रुपये की लागत आती है। एक एकड़ में 1200 पौधे लगते हैं। अब तक एक पौधे पर 100 रुपये यानी एक एकड़ में सवा लाख रुपये तक खर्च हो चुका है। ऐसे में शुक्रवार की शात आई तुफान से हुए नुकसान ने किसानों की कमर तोड़ दी है। लक्ष्मीपुर पडरहवा निवासी आनंद चौहान ने बताया कि क्षेत्र के कई किसान कर्ज लेकर केले की फसल उगाए थे। इस बार की फसल भी अच्छी थी, उम्मीद थी कि इस वर्ष कुछ कमाई होगी, लेकिन आई तेज आंधी ने एक झटके में किसानों की उम्मीदों को तहस-नहस कर दिया। इस संबंध में खड्डा तहसीलदार महेश कुमार ने बताया कि डीएम के निर्देश पर राजस्व टीम हुए नुकसान का सर्वे कर रही है। पूरी रिपोर्ट आते ही उच्चस्तर पर भेजी जाएगी।