रामकोला। नगर के गीतांजलि हाॅस्पिटल में सोहरौना निवासी प्रसूता पूनम के ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरती गई, जिससे उसकी मौत हो गई। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग की जांच में हुई।
सीएमओ ने पत्र जारी कर सर्जरी करने वाले डॉ. विकास मंडोलोई को जिले के किसी दूसरे अस्पताल में जाकर ऑपरेशन नहीं करने की चेतावनी दिया है। इसके अलावा 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। रामकोला थाना क्षेत्र के सोहरौना गांव निवासी 28 वर्षीय पूनम देवी को 21 नवंबर की रात को प्रसव पीड़ा हुआ। परिजन गांव की आशा कार्यकर्ता के साथ मेडिकल कॉलेज लेकर गए, रात में ऑपरेशन की सुविधा नहीं होने को कहा।
इसके बाद आशा कार्यकर्ता पूनम के परिजनों को झांसा देकर रामकोला के गीतांजलि हॉस्पिटल में लेकर चली गई। रात में कसया के एक निजी अस्पताल में काम करने वाले डॉ. विकास मंडोलोई ने ऑपरेशन किया। महिला ने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया।
22 नवंबर को दोपहर में पूनम की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने पूनम के देवर की शिकायत पर अस्पताल संचालक अरविंद शर्मा पर प्राथमिकी दर्ज कर लिया। वहीं सीएमओ के निर्देश पर डॉक्टरों की तीन सदस्यीय टीम ने मामले की जांच की।
जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऑपरेशन में लापरवाही की पुष्टि हुई। इसके अलावा सीएमओ ने आशा कार्यकर्ता की सेवा समाप्त कर दिया। सीएमओ की ओर से जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि जिस अस्पताल में डॉ. विकास का रजिस्ट्रेशन है। सिर्फ उसी अस्पताल में वे ऑपरेशन कर सकते हैं, बाकी जिले के दूसरे किसी भी अस्पताल में ऑपरेशन नहीं कर सकते हैं।
इसके अलावा 25 हजार रुपये दंड लगाया गया है।
नगर के गीतांजलि अस्पताल में बीते 22 नवंबर को प्रस्तुत पूनम देवी की मौत के मामले में सीएमओ की ओर से कराई गई जांच के दौरान अस्पताल में बहुत सारी अनियमितताएं मिलीं जिस पर सीएमओ ने जिला अधिकारी के आदेश पर हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन निरस्त करते हुए बड़ी कार्रवाई की है जिसमें शामिल सर्जन डॉक्टर विकास मंडोलोई पर नया आदेश जारी करते हुए जिले में कहीं भी सर्जरी करने तथा सर्जरी संबंधित पर रोक लगा दी गई है जबकि अस्पताल के संचालक अरविंद कुमार शर्मा के खिलाफ मौत के बाद ही मुकदमा दर्ज है। पूनम की मौत के बाद गीतांजलि हॉस्पिटल पर परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल संचालक डॉक्टर अरविंद कुमार शर्मा पर महिला का मौत का मुकदमा दर्ज कराया था। उसके बाद यह हॉस्पिटल सुर्खियों में आ गया।
यहां अस्पताल की सच्चाई जानने के लिए सीएमओ ने तीन सदस्यीय टीम का गठन किया जो जांच के बाद अपनी रिपोर्ट में बहुत सारी अनियमिता पायी जो 28 नवंबर को जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंपा जिस पर सीएमओ ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जिलाधिकारी ने कार्रवाई करने के लिए संतुष्टि प्रदान करते हुए गीतांजलि हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया। डॉक्टर अरविंद कुमार शर्मा, डॉक्टर मीरा शर्मा आशा के अलावा सर्जन विकास मंडलोई पर आरोप लगा है कि उक्त जांच के क्रम में स्पष्ट हुआ है कि क्लीनिकल स्टेब्लिस्मॅन्ट एक्ट-2010 का उल्लंघन किया गया है।