पडरौना। बकरीद सात जून को मनाई जाएगी। त्योहार नजदीक देख एक हफ्ते पहले से ही बाजार गुलजार हो गए हैं। बकरीद के दिन सुबह ईदगाहों और प्रमुख मस्जिदों में नमाज अदा की जाएगी। त्योहार पर सेवइयों के साथ ही कई पकवान बनाने के लिए मुस्लिम परिवारों में तैयारियां चल रही हैं। गांव में बकराें की खरीदारी शुरू हो गई है।
बकरीद के त्योहार के मद्देनजर शहर के तिलक चौक, मेन बाजार, छावनी, गुदरी बाजार समेत कई जगह सेवई की दुकानें सजी हैं। धर्मशाला रोड, कोतवाली रोड, नौकाटोला रोड समेत शहर के सभी कपड़े और रेडिमेड की दुकानों और माॅल से लोगों कपड़ों की खरीदारी शुरू कर दी है। कपड़ा व्यापारी कौस्तुभ चहाड़िया, सुधीर जायसवाल, राजेश अग्रवाल आदि व्यापारियों ने बताया कि अब सहालग का अंतिम समय चल रहा है। सहालग की खरीदारी के लिए लोग गर्मी को देखते हुए काॅटन सूट, अंबरेला फ्रॉक की अधिक मांग कर रहे हैं। वहीं बकरीद का चांद दिखने के बाद दुकान पर ग्राहकों की संख्या कुछ बढ़ी है। महिलाएं शरारा, गरारा, प्लॉजो सूट, फारसी घाघरा, बनारसी गरारा और पुरुष लखनवी कुर्ता व पायजामा की अधिक मांग कर रहे हैं।
पिपरा कनक प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र में कुर्बानी के बकरों को लेकर मुस्लिम समाज के लोग में बेहद उत्साहित हैं। कोई उन्हें सजाने में व्यस्त है तो कोई उन्हें अपने दोस्त जैसा समझ कर प्यार कर रहा है।
हाफिज जुहैर रजा गौहरी ने बताया कि बकरीद पर मुस्लिम समाज हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की अल्लाह के हुक्म पर दी गई कुर्बानी की याद में जानवर की कुर्बानी देता है। यह कुर्बानी त्याग, समर्पण और अल्लाह के प्रति सच्ची आस्था का प्रतीक मानी जाती है।
कुर्बानी के मांस को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। गरीबों, रिश्तेदारों और अपने लिए यह त्योहार आपसी भाईचारा और समाज में समानता का संदेश देता है।