संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। कुशीनगर नगर पालिका के गोपालगढ़ में हाईवे के किनारे एक निजी अस्पताल में सोमवार की रात एक मरीज की मौत हो गई। नाराज तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि विरोध करने पर डॉक्टर और कर्मियों ने कमरे में बंद कर तीमारदारों की पिटाई भी की। रात को पहुंची पुलिस ने नाराज लोगों को शांत कराने के बाद शव को कब्जे में ले लिया। घरवालों के आरोप के आधार पर पुलिस ने निजी अस्पताल के डॉक्टर को हिरासत में ले लिया है।
पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को घरवाले अस्पताल के सामने शव रखकर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। इसकी जानकारी होने पर एसडीएम, सीओ पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। परिजनों ने पुलिस को तहरीर दी है। पोस्टमार्टम रिपार्ट में हार्ट अटैक से मौत की पुष्टि हुई है।
कसया थाना क्षेत्र बेलवा पलकधारी निवासी मैनेजर पासवान (50) मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। बृहस्पतिवार को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। घरवाले हाईवे के किनारे गोपालगढ़ में संचालित हमराही हॉस्पिटल में भर्ती कराया। इलाज के बाद तबीयत में सुधार हुआ। सोमवार की शाम को मैनेजर का बेटा अमरजीत पासवान गया और भोजन कराने के बाद घर आया। रात करीब 9 बजे अस्पताल से फोन आया कि आपके मरीज की मौत हो गई है।
इसके बाद अमरजीत अस्पताल पर गया और पूछा कि अभी भोजन कराकर गया हूं, अचानक इनकी मौत कैसे हो गई। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए घरवाले हंगामा करने लगे। इस दौरान आरोप है कि डॉक्टर ने अमरजीत की पिटाई कर दी। रात को पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया और शव को कब्जे में ले लिया। रात को ही पुलिस ने डॉ. इसरार को भी हिरासत मेंं ले लिया।
पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिजन निजी अस्पताल पर पहुंचे और शव रखकर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। घरवालों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही से मैनेजर पासवान की मौत हुई है। सूचना पर एसडीएम डॉ. संतराज सिंह बघेल, सीओ कुंदन सिंह और थानाध्यक्ष अभिवन मिश्रा पहुंचे। घरवालों ने कार्रवाई की मांग की। आरोप लगाया कि जब वह थाने में गए तो डॉक्टर वहीं बैठे थे और उनके साथ रहने वाले दलाल रुपये का लालच देकर मैनेज करने के लिए दबाव बनाने लगे।
अमरजीत ने पुलिस को नामजद तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। सीओ कुंदन सिंह ने बताया कि घरवालों को समझा बुझाकर शांत कराया गया। तहरीर के आधार पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। हिरासत में लिए गए डॉक्टर का शांतिभंग में चालान किया गया है।