दुदही सीएचसी पर प्रदर्शन करती आशा कार्यकत्री ।स्रोत-सोशल मीडिया
दुदही। सीएचसी में जननी सुरक्षा योजना के फॉर्म कचरे और अलमारी में मिलने का मामला बढ़ता जा रहा है। सोमवार को आशा कार्यकर्ताओं ने सीएचसी परिसर में प्रदर्शन कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
मिली जानकारी मुताबिक, आशाओं का आरोप है कि मामले की जांच के बावजूद अब तक किसी जिम्मेदार के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि निर्दोष स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई कर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। ब्लॉक अध्यक्ष एवं जिला प्रभारी रीता पटेल ने बताया कि वर्ष 2023, 2024 और 2025 में डिलीवरी कराने वाली कई महिलाओं को अब तक जननी सुरक्षा योजना की प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। उनका कहना है कि पहले कचरे और अलमारी में फॉर्म मिलने के बाद अब करीब पांच सौ और जननी सुरक्षा योजना के फॉर्म गायब बताए जा रहे हैं, जिससे आशाओं में नाराजगी है।
उन्होंने बताया कि मामले के सामने आने के बाद डिप्टी सीएमओ के निर्देश पर पांच सदस्यीय जांच टीम गठित की गई थी, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आया है। वहीं आशा कार्यकर्ता गीता सिंह ने आरोप लगाया कि जिस तरीके से जांच चल रही है, उससे न्याय मिलने की उम्मीद कम है। उन्होंने कहा कि नसबंदी कराने वाली महिलाओं को भी प्रोत्साहन राशि नहीं मिल रही है। आशाओं ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में निशुल्क डिलीवरी की व्यवस्था होने के बावजूद महिलाओं से एक हजार से दो हजार रुपये तक की वसूली की जा रही है। आशाओं ने यह भी आरोप लगाया कि लाभार्थियों से जुड़े करीब एक हजार फॉर्म जला दिए गए हैं। फिलहाल, लगातार बढ़ते आरोपों और विरोध प्रदर्शन के बाद दुदही सीएचसी का मामला स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।