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Kushinagar News: गर्भवती को निजी अस्पताल पहुंचाने वाली आशा कार्यकर्ता की सेवा समाप्त

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पडरौना/रामकोला। मेडिकल कॉलेज से गर्भवती महिला को गुमराह कर रामकोला कस्बे के निजी अस्पताल पहुंचाने वाले सोहरौना गांव की आशा कार्यकर्ता की सेवा समाप्त कर दी गई है। टीम की जांच रिपोर्ट के बाद सीएमओ ने यह कार्रवाई की है। इसके पूर्व डीएम के निर्देश पर निजी अस्पताल गीतांजलि हास्पिटल का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया गया है। वहीं संचालक की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। रामकोला थाना क्षेत्र के सोहरौना गांव निवासी 28 वर्षीय पूनम को 21 नंबर की रात को प्रसव पीड़ा हुई। परिजन गांव की आशा कार्यकर्ता मजहरू निशा के साथ टेंपो से लेकर मेडिकल कॉलेज कुशीनगर पहुंचे। जुड़वा बच्चा पेट में होने के चलते ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स रात में ऑपरेशन नहीं होने की बात कही। इसके बाद आशा कार्यकर्ता परिजनों को गुमराह कर रामकोला कस्बे में संचालित गीतांजलि हास्पिटल में लेकर चली गई। वहां पर रात में आपरेशन के बाद पूनम ने जुड़वे बच्चे को जन्म दिया।
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22 नवंबर को दोपहर में पूनम की मौत हो गई। उसे जिंदा बताकर संचालक अरविंद शर्मा अपनी एंबुलेंस से कसया के एक निजी अस्पताल में भेज दिया, वहां जाने के बाद डॉक्टर ने जांच किया तो प्रसूता की मौत हो चुकी थी। उसी दौरान दोनों नवजात को अपनी ही एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज कुशीनगर के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करा दिया। स्वास्थ्य विभाग की जांच कर रही टीम को पता चला कि कसया के जिस निजी अस्पताल में संचालक पूनम को जिंदा बताकर भेजा था, उसी अस्पताल का डॉक्टर आकर ऑपरेशन किया था। इस मामले में पुलिस ने अस्पताल के संचालक अरविंद शर्मा पर प्राथमिकी दर्ज कर लिया है। उसकी तलाश कर रही है। सोमवार को सीएमओ ने आशा कार्यकर्ता की सेवा समाप्त कर दिया। सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि आशा कार्यकर्ता की सेवा समाप्त कर दिया गया है। निजी अस्पताल का रजिस्ट्रेशन पहले ही निरस्त कर दिया गया है।
रामकोला थाना क्षेत्र के सोहरौना की रहने वाली प्रसूता का इलाज के लिए परिजन मेडिकल कॉलेज पडरौना ले गए थे जहां पर आशा मजहरू निशा ने पूनम देवी को बहला फुसला कर रामकोला नगर स्थित गीतांजलि हॉस्पिटल पर लेकर गई जो 21 नवंबर को भर्ती कराया और 22 नवंबर को उस महिला की मौत हो गई थी परिजनो ने डॉ. अरविंद कुमार शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था जिस पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने स्तरीय कमेटी गठन करके जांच कराई थी जिसमें डॉक्टर अरविंद कुमार शर्मा तथा महिला डॉक्टर मीरा शर्मा के अलावा आशा मजहरू नेशा के साथ ही डा विकास जिन्होंने आपरेशन मे शामिल होने पर चारों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही अस्पताल का और आशा का सेवा समाप्त कर दी गई है।
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