मंसाछापर। अहिरौली गांव के पूर्व ग्राम प्रधान सुरेंद्र यादव की सड़क दुर्घटना में मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घर वालोें में चीख-पुकार मची है। गांव और क्षेत्र के लोग उनके आवास पर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। देर शाम गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
गांव के लोगों ने बताया कि दिवंगत पूर्व प्रधान सुरेंद्र यादव सामाजिक और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। लोगों के हर सुख-दुख में बढ़-चढ़कर शामिल होते थे। लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। उनके निधन से गांव ने एक लोकप्रिय और सक्रिय जनप्रतिनिधि को खो दिया है। वर्ष 2005 में उनकी पत्नी जोखनी देवी ग्राम प्रधान निर्वाचित हुई थीं। इसके बाद वर्ष 2010 में सुरेंद्र यादव स्वयं ग्राम प्रधान बने। अपने कार्यकाल में विकास कार्यों को लेकर क्षेत्र में उन्होंने पहचान बनाई। उनके परिवार में तीन बेटे और दो बेटियां हैं। इनमें एक बेटे और एक बेटी का विवाह हो चुका है। बड़ा बेटा बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करते हैं।
हादसे में उनकी पत्नी जोखनी देवी गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। उनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। सोमवार को चिकित्सकों की अनुमति पर उन्हें कुछ देर के लिए घर लाया गया, जहां उन्होंने पति के अंतिम दर्शन किए। इसके बाद उनकी हालत को देखते हुए दोबारा मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया गया।