मथौली। अथरहा इफको केंद्र पर बुधवार को किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान किसानों को मिट्टी की बेहतर सेहत के लिए संतुलित मात्रा में ही खाद का इस्तेमाल करने के लिए सलाह दी गई। उन्हें बताया गया कि अधिक रासायनिक खाद के प्रयोग करने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति घट रही है। ऐसे में खेतों की मिट्टी का परीक्षण कराकर ही खाद का प्रयोग करें।
किसान गोष्ठी में रमाकांत मौर्य ने बताया कि दानेदार उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरक क्षमता धीरे-धीरे कम होती जा रही है। इसके विकल्प के रूप में नैनो का प्रयोग करना चाहिए। इसका असर सीधे पौधों पर होता है व मिट्टी को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। उन्होंने नैनो डीएपी व नैनो यूरिया के प्रयोग के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा नैनो जिंक व कॉपर के प्रयोग पर जोर दिया। इसके अलावा अभिषेक दूबे,प्रकाश सोनी, अटल त्रिपाठी ने अलग-अलग खेती के टिप्स दिए।अंत में श्रीराम कुशवाहा ने सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया। इस मौके पर अंगद गिरी, सुरेश मौर्या, फूलबदन यादव, मुरलीधर कुशवाहा, अरविंद पटेल, रामप्रवेश मौर्य, मोहित कुशवाहा, नंदलाल कुशवाहा, लालबचन यादव, रामप्रीत कुशवाहा, सुरेश कुशवाहा, धर्मराज यादव, जयप्रकाश यादव, रामजीत प्रसाद, साबिर अली, परमवीर चौधरी, सत्यपाल यादव, पवन कुमार यादव आदि मौजूद रहे।