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दो दिन में आश्रय केंद्र के चार पशुओं की मौत

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दो दिन में आश्रय केंद्र के चार पशुओं की मौत
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आहार और उपचार के अभाव में दम तोड़ रहे गोवंश
निराश्रित पशु आश्रय केंद्र कोपजंगल में अब तक 40 पशुओं की हो चुकी है मौत
खड्डा(कुशीनगर)। तहसील क्षेत्र के कोपजंगल गांव में बने निराश्रित पशु आश्रय केंद्र में चारा और उपचार के अभाव में गोवंश दम तोड़ रहे हैं। बुधवार व बृहस्पतिवार दो दिन में ही चार पशुओं ने दम तोड़ दिया। यहां रखे गए गोवंशों में से 40 पशु कम हो गए हैं। हालत यह है कि बिना पोस्टमार्टम के ही पशुओं को दफना दिया जा रहा है।
कोपजंगल गांव में एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तीन माह पहले पशुपालन विभाग की जमीन पर आधुनिक निराश्रित पशु आश्रय केंद्र बनाया गया था। केंद्र के आंकड़े के मुताबिक 126 पशुओं में 85 रह गए हैं। पशुओं के रख-रखाव, सुरक्षा आदि की समीक्षा के लिए कई स्तर पर अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों की मानीटरिंग कमेटी बनी है। लेकिन धरातल पर कुछ नहीं नहीं दिख रहा।
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बुधवार व बृहस्पतिवार दो दिन में ही इलाज व आहार के अभाव में चार पशुओं ने दम तोड़ दिया, लेकिन न तो पोस्टमार्टम हुआ न ही कोई देखने पहुंचा। अब तक लगभग चालीस पशु दम तोड़ चुके हैं। यहां मौजूद एक कर्मचारी ने अधिकारियों पर भड़कते हुए कहा कि कोई पूछने वाला नहीं है। रोज पशु मर रहे हैं। जगह जगह गड्ढे खोदकर दफनाया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि मरने की जानकारी बाहर न जाए, पिकअप से ले जाकर ठिकाने लगा दिया जा रहा है। अधिकारियों के दौरे पर दिखाने के लिए एक बोरी चोकर, आधा बोरी नमक, कुछ भूसा रखा गया है। चारा काटने वाली मशीन कमरे में पड़ी धूल फांक रही है।
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ग्राम प्रधान राकेश ने बताया कि रोज ही पशु मर रहे हैं और वहीं गड्ढे में दबा दिया जाता है। एसडीएम दिनेश कुमार ने बताया कि बीडीओ को इसकी जांच सौंपी गई है। स्वयं भी निरीक्षण करके दोषी पाए जाने वालों के व्यक्तियों के खिलाफ उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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