कप्तानगंज। क्षेत्र के सुम्माखोर गांव के पास देवरिया शाखा बड़ी नहर में बुधवार शाम करीब चार बजे किशोरी का शव मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकलवाया। पहचान होने पर पता चला कि शव महराजगंज जिले की 15 वर्षीय खुशी रावत का है, जिसने एक दिन पहले पिता की डांट से नाराज होकर नहर में छलांग लगा दी थी।
महराजगंज जिले के धर्मपुर बड़ा गांव की निवासी खुशी रावत मंगलवार सुबह इसके पिता बबलू रावत ने किसी बात को लेकर डांट दिया। इससे नाराज किशोरी घर से शौच जाने का बहाना बनाकर निकली और गांव के पास देवरिया शाखा की बड़ी नहर में छलांग लगा दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। एनडीआरएफ और भिटौली पुलिस ने मंगलवार देर शाम तक नहर में किशोरी की तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
बुधवार शाम सुम्माखोर गांव के पुल के पास लोगों ने नहर में एक शव उतराता देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कप्तानगंज पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पहचान कराई। सूचना मिलने पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान खुशी रावत के रूप में की।बताया जाता है कि बबलू रावत ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी पत्नी गिरिजा देवी का चार-पांच वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। परिवार में तीन बेटियां थीं, जिनमें खुशी सबसे बड़ी थी। मां की मौत के बाद बेटियों की परवरिश और परिवार की जिम्मेदारी अकेले पिता के कंधों पर थी। बेटी का शव मिलने के बाद परिवार में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। कप्तानगंज थानाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह ने बताया कि शव की पहचान खुशी रावत के रूप में हुई है। परिजनों की मौजूदगी में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।