पडरौना बिजली केंद्र पर औचक निरीक्षण कर बिजली आपूर्ति की निरीक्षण करते सदर विधायक मनीष जायसवाल।स
पडरौना। जिले में भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती से उपभोक्ताओं के सब्र का बांध टूट रहा है। हालात यह हैं कि उपकेंद्रों पर पहुंच रहे लोग बिजली कर्मियों की बात सुनने से पहले उन्हें खरी-खोटी सुना रहे हैं।
उपकेंद्रों पर झुंड बनाकर लोग पहुंच रहे हैं। मांडेयराय बिजली उपकेंद्र पर हुए बवाल और हंगामे के बाद अब उपकेंद्रों पर तैनात बिजली कर्मी सहमे हुए हैं। कर्मचारी और अधिकारी भय के माहौल में काम करने को मजबूर हैं।
उपकेंद्रों पर पहुंचने वाले लोग बिजली कर्मियों की कोई भी तकनीकी मजबूरी सुनने को तैयार नहीं हैं।
जैसे ही कोई उपभोक्ता शिकायत लेकर पहुंचता है, वही सीधे तैनात कर्मियों को खरी-खोटी सुनाना शुरू कर देता है। कर्मचारियों का कहना है कि लोगों के आक्रामक तेवर दिख रहे हैं। ऐसे में उपकेंद्र पर काम करना मुश्किल हो रहा है। खौफ के चलते कर्मचारी दफ्तर में बैठने से कतरा रहे हैं। बिगड़ती बिजली आपूर्ति और लोगों के गुस्से को देखते हुए विधायक मनीष जायसवाल शुक्रवार की देर रात शहर के बिजली उपकेंद्र पर पहुंचे थे।
वहां उन्होंने उपकेंद्र में बिजली आपूर्ति की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर ही एक्सईएन सहित विभागीय कर्मियों को शहर की बिजली आपूर्ति शेड्यूल के मुताबिक देने के लिए सख्त निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ और जनता का पारा इसी तरह चढ़ा रहा, तो आने वाले समय में हालात को संभालना और लोगों को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। कागजों की जगह जमीन पर काम दिखना चाहिए।
पिछले वर्ष से 22 फीसदी बिजली की खपत में वृद्धि : उपकेंद्र पडरौना से मार्च में बिजली की खपत करीब 85 मेगावाट थी। एक से 25 अप्रैल तक यह बिजली की खपत बढ़कर 126 मेगावाट हो गई है। यह खपत गर्मी बढ़ने से हुई है। इसके सापेक्ष वर्ष 2025 में एक से 25 अप्रैल तक 105 मेगावाट बिजली की खपत हुई थी। इसके अलावा मई 2025 में 126 मेगावाट बिजली की खपत हुई थी, जो इस वर्ष एक से 25 अप्रैल तक हुई खपत के बराबर है। इस आंकड़े से बिजली की खपत में वृद्धि होने का ग्राफ साफ दिखाई देर रहा है।