कुशीनगर। पशु तस्करी के मामले में विवेचना में लापरवाही करने वाले 36 विवेचकों की भूमिका की जांच शुरू हो गई है। एसपी ने इनका वेतन भी रोक दिया है। इसके अलावा गैंगस्टर की कार्रवाई वाले पशु तस्करों के सरगना की संपत्ति जब्त करने की तैयारी पुलिस ने शुरू कर दी है। अभी तक विवेचक उच्चाधिकारियों को गुमराह कर गैंगस्टरों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई से परहेज कर रहे थे।
पूरब से पश्चिम तक फैले पशु तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए एसपी केशव कुमार ने सख्त कदम उठाया है। एसपी की ओर से कराई गई जांच में पता चला कि 36 विवेचकों ने विवेचना में लापरवाही की है। पशु तस्करों के सरगना को गिरफ्तार करने से बच रहे हैं। इस मामले में एसपी ने सभी का वेतन रोक दिया और इनकी भूमिका की जांच का आदेश दिया है।
इस सख्ती के बाद रामपुर, मेरठ, गोपालगंज और सहारनपुर के पशु तस्करों के फरार सरगना की गिरफ्तारी शुरू हो गई है। सूत्रों की मानें तो विवेचक कैरियरों को जेल भेजने के बाद विवेचना में रुचि नहीं ले रहे थे और फरार चल रहे पशु तस्करों के सरगना गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद भी पशु तस्करी के खेल में बैकिंग करने में लगे रहे।
विवेचकों का गैंगस्टर की संपत्ति जब्त नहीं करने के पीछे तर्क था कि जबसे इनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है, उसके पहले से उसकी मौजूद संपत्ति परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से है। ऐसी रिपोर्ट राजस्वकर्मियों की ओर से दी गई है, ऐसे में गैंगस्टर की संपत्ति जब्त नहीं किया जा सकती है।
इसके बाद एसपी ने थानाध्यक्षों के साथ बैठक की और तय किया कि पशु तस्करों के सरगना की जो भी संपत्ति है वह अवैध कमाई के जरिए अर्जित कर परिवार के सदस्यों के नाम से किया गया है। इसके पूर्व दूसरे जिलों में इनके नाम से मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ऐसे गैंगस्टरों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी में है। इनकी संख्या करीब 50 है। इसके लिए स्थानीय पुलिस की मदद लेगी। फरार चल रहे गैंगस्टर और पेशेवर पशु तस्करों की 20 से अधिक गिरफ्तारी हो चुकी है। इसमें कई एक साल से अधिक समय से फरार थे।
एसपी केशव कुमार ने कहा कि विवेचना में लापरवाही बरतने वाले 36 पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कराई जा रही है। पशु तस्करों के सरगना और गैंगस्टर की कार्रवाई वालों की संपत्ति जब्त कराई जाएगी। जांच में पता चला है कि कानून से बचने के लिए अवैध तरीके अर्जित की गई कमाई अपने परिवार के सदस्यों के नाम से दिखाई गई है।