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चार दिनों की मनुहार के बाद माने एंबुलेंसकर्मी, ड्यूटी पर लौटे
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पडरौना (कुशीनगर)। जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108, 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर सोमवार से एंबुलेंस खड़ी करके हड़ताल कर रहे एंबुलेंसकर्मी बृहस्पतिवार को काम पर वापस लौट गए। डीएम ने कलेक्ट्रेट में इन्हें बुलाकर समझाया, साथ ही चेतावनी दी कि डयूटी पर वापस नहीं आए तो नौकरी तो जाएगी ही एस्मा (आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून) लगाकर जेल भेज देंगे।
इससे पहले एंबुलेंस कर्मी हड़ताल पर अड़े हुए थे। डीएम ने कहा कि जो काम नहीं करना चाहते हैं, उनकी जगह निर्वाचन ड्यूटी लगाए जाने वाले चालकों और कर्मियों से कार्य कराया जाए। हड़ताली चालकों से एंबुलेंस की चाबी ले ली गई। इसके बाद नौकरी जाने की आशंका को देखते हुए जिले के सभी एंबुलेंसकर्मी काम पर वापस लौट गए। सीएमओ ने बताया कि कुल 75 एंबुलेंसकर्मी हड़ताल पर थे। इनके काम पर लौटने से मरीजों को हो रही दिक्कतों से मुक्ति मिल गई।
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अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एंबुलेंसकर्मी सोमवार से ही हड़ताल पर थे। कलेक्ट्रेट के सामने स्थित बुद्घा पार्क में सोमवार से ही सभी एंबुलेंस खड़े कर चालक और ईएमटी हड़ताल शुरू कर दिए थे। इस वजह से गंभीर रोगियों, दुर्घटना में घायल मरीजों और प्रसूता महिलाओं को सरकारी अस्पतालों में जाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। उन्हें बाइक, स्कूटी, टेंपो, बोलेरो, रिक्शा आदि वाहनों से जाना पड़ रहा था।
ड्यूटी पर वापस आने के लिए इनसे सीएमओ सहित स्वास्थ्य विभाग के लोगों की तरफ से प्रयास किया जा रहा था, लेकिन बात नहीं बन रही थी। इसके बाद इनके स्थान पर नई भर्ती के लिए बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में काफी संख्या में लोग साक्षात्कार के लिए लाइन में लग गए। एंबुलेंस चालकों से चाबी ले ली गई। इसके बाद डीएम ने इन्हें समझाया, तब जाकर हड़ताल बंद कर ड्यूटी पर वापस लौट आए।
डीएम ने सेवा प्रदाता फर्म को दी चेतावनी
पडरौना। डीएम एस. राजलिंगम ने सीएमओ सहित संबंधित सेवा प्रदाता फर्म के प्रतिनिधि सहित एंबुलेंसकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल को अपने कक्ष में बुलाया। उन्होंने निर्देशित किया कि जो एंबुलेंस चालक कार्य करना चाहते हैं, उन्हें रखा जाए। उन्होंने एडीएम को भी निर्देशित किया कि यदि पुराने एंबुलेंस चालक कार्य पर वापस आ रहे हैं तो उनकी सुरक्षा एवं मदद के लिए पूरी व्यवस्था की जाए।
जनपद में संचालित होती हैं 75 एंबुलेंस
पडरौना। जनपद में 108 और 102 नंबर की कुल 75 एंबुलेंस संचालित होती हैं। इनकी हड़ताल की वजह से मरीजों की परेशानी बढ़ गई थी। इन एंबुलेंस की तरफ से मरीजों को एक दिन में अस्पताल पहुंचाने की कोई निश्चित संख्या नहीं है। इनका रिस्पांस टाइम 15 मिनट होता है। उतने समय में इन्हें सूचना मिलने के बाद पहुंचना होता है। इन एंबुलेंस चालकों के कार्य पर वापस आ जाने से लोगों को राहत मिल गई है।
जिलाध्यक्ष बोले
जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108, 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष रणवीर यादव ने कहा कि हड़ताल संगठन के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर की जा रही थी। बृहस्पतिवार को चौथा दिन था। डीएम और सीएमओ से हुई वार्ता की जानकारी संगठन के पदाधिकारियों को दी गई। इसके बाद इमरजेंसी सेवाएं पुन: चालू कर दी गईं।
सीएमओ बोले
सीएमओ सुरेश पटारिया ने कहा कि चार दिन से एंबुलेंसकर्मियों (चालकों और ईएमटी) की हड़ताल चल रही थी। उनकी हड़ताल से हो रही मरीजों की परेशानी को देखते हुए उन्हें समझाने का प्रयास चल रहा था। रात में भी उन्हें समझाया गया, नहीं माने तो डीएम की तरफ से हस्तक्षेप किया गया। डीएम के समझाने पर सभी एंबुलेंसकर्मी मान गए और ड्यूटी पर वापस आ गए।
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डीएम बोले
एंबुलेंसकर्मियों की हड़ताल से मरीज परेशान हो रहे थे। इससे उनके जीवन पर खतरा उत्पन्न हो गया था। इसलिए एंबुलेंसकर्मियों को सख्त हिदायत दी गई कि काम पर वापस लौटें, अन्यथा उनकी जगह दूसरे चालक और कर्मी रखे जाएंगे। मरीजों के जीवन के साथ मनमानी करने की वजह से इनके खिलाफ पडरौना कोतवाली में एस्मा लगाए जाने का निर्देश दिया गया है।
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