पडरौना। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा 24 फरवरी से शुरू हो रही है। बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों को गणित, विज्ञान के साथ ही हिंदी व अंग्रेजी विषय में सुंदर लेखन पर भी अंक मिलते हैं, इसलिए छात्र इन विषयों को पढ़ने के साथ लिखने का भी अभ्यास करें तो परीक्षा का परिणाम और भी बेहतर होगा।
शिक्षकों ने बताया कि कई बार छात्र पेपर को आसान मानकर समय से पहले ही काॅपी लिख देते हैं। इससे उनका उत्तर सही तो होता है, लेकिन लिखावट सुंदर नहीं होने पर परीक्षक कम नंबर देते हैं।
उदित नारायण इंटर कॉलेज के हिंदी के प्रवक्ता शंकर शरण दूबे ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में पहला पेपर हिंदी का ही है। हिंदी विषय को विद्यार्थी आसान समझते हैं, जिससे वे इस विषय को हल्के में लेते हैं। इसका असर उन्हें अंक मिलने पर पता चलता है।
विद्यार्थी हिंदी की परीक्षा की तैयारी ध्यान से समझकर करें तो बेहतर अंक मिलेंगे। परीक्षा में सुलेख के साथ बिंदी और मात्रा का बहुत महत्व है। सही स्थान पर बिंदी और सही मात्रा का प्रयोग करने पर फोकस रखें। परीक्षा से पूर्व इसका लगातार अभ्यास करते रहें।
व्याकरण प्रमाण के तहत हाईस्कूल के छात्रों को उपसर्ग, रस, अलंकार, छंद आदि का विशेष रूप से अध्ययन उदाहरण सहित करना चाहिए। निबंध लिखते समय अपनी मौलिक अभिव्यक्ति अवश्य लिखनी चाहिए।
प्रश्नों के उत्तर स्पष्ट लिखे होने चाहिए। इसके अलावा हिंदी की परीक्षा में सुलेख के साथ बिंदी और मात्रा का विशेष रूप से ध्यान रखें। उन्होंने ने बताया कि परीक्षार्थियों को व्याकरण और शब्दावली पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही अपने लेखन में खुद के विचारों को शामिल करना चाहिए। विद्यार्थी व्याकरण के नियमों को समझें और उनका अभ्यास करें। वाक्यों को बदलने के नियम, मुहावरेदार क्रियाओं का सही इस्तेमाल सीखें।
नए शब्दों को नोट करें और अपने लेखन में उनका इस्तेमाल करें। पेपर में अलग-अलग खंडों के प्रश्नों का उत्तर देते वक्त टाइम मैनेजमेंट का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। परीक्षा काफी करीब है। ऐसे में अब नया कुछ सीखने या समझने का वक्त नहीं है। ऐसे में निरंतर अभ्यास के माध्यम से याद किया जा सकता है।