पडरौना/कप्तानगंज। धनतेरस, दीपावली व छठ पर्व पर कोटा, दिल्ली, कानपुर व प्रयागराज से घर आने के लिए तैयारी करने वाले युवाओं को ट्रेनों में कन्फर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा रोजगार के लिए बड़े शहरों में गए लोगों के लिए दिक्कत खड़ी हो गई है। उनके परिजन भी परेशान हैं। ट्रेन में कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है।
रेलवे के टिकट काउंटर पर हर दिन सुबह से लेकर देर शाम तक लंबी लाइन लग रही है। कप्तानगंज के रास्ते गुजरने वाली सभी ट्रेनों में 30 अक्तूबर तक सीटें फुल हैं। लोगों को कन्फर्म टिकट नहीं मिलने की वजह से उन्हें यात्रा करने में परेशानी उठानी पड़ रही है। सबसे अधिक परेशानी परिवार के साथ बड़े शहरों से घर आने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है। हालत यह है कि दो माह पहले लिए गए वेटिंग टिकट अब तक कन्फर्म नहीं हुए। अब मजबूरन लोगों को जनरल बोगी में यात्रा करनी पड़ रही है। जैसे-जैसे त्योहार नजदीक आ रहा है, ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ती जा रही है।
कप्तानगंज रेलवे स्टेशन से तीन रूट की ट्रेनों का संचालन होने के साथ लंबी दूरी की 20 से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है। यहां दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, मुम्बई, कोटा, जम्मू कश्मीर, कोलकाता सहित अन्य बड़े शहरों के लिए ट्रेनों का आवागमन होता है। इसके चलते रेलवे स्टेशन पर हर समय भीड़ रहती है। कप्तानगंज रेलवे जंक्शन है, लेकिन यहां टिकट काउंटर की संख्या कम होने के कारण अधिकतर लोगों को कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल है। हालत यह है कि जैसे आईआरसीटीसी की साइड खुलती है वैसे ही अधिकतम एक व्यक्ति का टिकट बनते ही सीट फुल हो जाती हैं। इसके चलते बीते दो माह पहले से वेटिंग टिकट अब तक कन्फर्म नहीं हुआ है। बुधवार को आनंद विहार से रक्सौल को जाने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस कप्तानगंज रेलवे स्टेशन पर एक घंटे विलंब से प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची तो उसकी सभी बोगियां पहले से ही भरी हुई थीं। कप्तानगंज स्टेशन पर चढ़ने के लिए लोग खिड़कियों से किसी तरह ट्रेन में चढ़ रहे थे।