पडरौना। जिले में पिछले चार-पांच दिनों से पछुआ हवा के साथ हल्की ठंड शुरू हो गई है। मौसम में हुए इस बदलाव ने लोगों में जोड़ों व हड्डियों का दर्द बढ़ा दिया है। बुधवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 23 रोगी ऐसे पहुंचे, जिनकी आयु 40 वर्ष से कम थी। उन्होंने डॉक्टर से जोड़ों व हड्डियों के दर्द की परेशानी बताई। जांच रिपोर्ट देखकर चिकित्सक ने ऐसे मरीजों को दवा के साथ उन्हें जीवनशैली में सुधार लाने के साथ पौष्टिक भोजन करने की सलाह दी।
जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज में हर दिन 1500 से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें से हड्डी रोग से जुड़ी बीमारी के भी अधिक मरीज शामिल होते हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 80 से 100 मरीज प्रतिदिन आर्थराइटिस रोग के पहुंच रहे हैं। इसके अलावा सर्वाधिक रोगी वायरल के विभिन्न लक्षणों से पीड़ित पाए जा रहे हैं। वहीं पछुआ हवा में लोगों को कमर व घुटने का दर्द से परेशान कर रहा है।
हड्डी रोग विशेषज्ञ असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गजेंद्र शर्मा ने बताया कि इसकी मुख्य वजह खराब दिनचर्या है। उन्होंने बताया कि बदलती जीवनशैली के साथ असंतुलित खानपान आर्थराइटिस का कारण बनता जा रहा है, जो सिर्फ उम्र दराजों में ही नहीं, कम आयु के लोगों में भी प्रभावी हो रहा। 30-40 वर्ष की उम्र में ही जोड़ों के दर्द से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि वजन वृद्धि, शारीरिक निष्क्रियता, व्यायाम से दूरी इसके मुख्य कारण हैं।
अधिक वजन जोड़ों पर दबाव डालता है, जो हल्की ठंड में सूजन व दर्द देता है। इसलिए खानपान में पौष्टिकता के साथ डेयरी खाद्य भी शामिल करें। व्यायाम के लिए समय जरूर निर्धारित रखें। इन उपायों से बिना दवा प्रयुक्त किए ही निरोग रह सकते हैं। इसलिए पहले खानपान में बदलाव व योग का सहारा लेना चाहिए। जब लाभ न मिले तभी उपचार प्रभावी करें।