- अभी तक गिरफ्तार नहीं हो सका आरोपी डॉक्टर, जांच में किसी नतीजे पर नहीं पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। बिहार के फर्जी जांच रिपोर्ट पर आयुष्मान योजना के तहत नवजीवन ज्योति हॉस्पिटल में होने वाले ऑपरेशन के मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। वायरल वीडियो और आयुष्मान योजना के तहत हुए मरीजों के ऑपरेशन की जांच सांचीस एजेंसी ने शुरू की है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार कुछ बताने से परहेज कर रहे हैं और जांच को गोपनीय बता रहे हैं। वहीं, अब तक आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो सकी है।
नवजीवन ज्योति हॉस्पिटल की संचालिका कुसुम यादव हैं। इनके पति डॉ. पुष्कर यादव समेत कई डॉक्टर यहां पर इलाज करते हैं। यह अस्पताल आयुष्मान योजना में भी चयनित था। पांच दिन पूर्व सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें डॉ. पुष्कर यादव दलालों से बातचीत में कह रहे हैं कि पेशाब के रास्ते से यूरेटर में पथरी का टुकड़ा डाल दिया जाएगा और ऑपरेशन कर आयुष्मान योजना से रकम ले ली जाएगी। इसकी रिपोर्ट बिहार प्रांत के बगहा के अल्ट्रासाउंड सेंटर पर तैयार की जा रही है।
वीडियो वायरल होने के बाद सीएमओ ने जांच के लिए डिप्टी सीएमओ डॉ. अवधेश कुशवाहा के नेतृत्व में टीम गठित की। इस मामले में दो दिनों से टीम जांच कर रही थी और मामले की लीपापोती में जुटी थी। शुक्रवार को जिले के प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह कुशीनगर आए थे, उनके सामने यह मामला उठा तो उन्होंने सीएमओ को फटकार लगाते हुए भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की बात कही। सीएमओ की भूमिका पर सवाल उठा तो आनन-फानन में उन्होंने पडरौना कोतवाली में तहरीर दी। सीएमओ ने डॉक्टर पर केस दर्ज कराया।
सीओ अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।