पडरौना। बसहिया बनवीरपुर गांव में मैनुद्दीन की बेटी रूबीना की शादी की तैयारी में पूरा परिवार व्यस्त था। घर आए रिश्तेदार भी आने वाली बरात को लेकर तैयारियों में लगे थे। अचानक शाम को दो मजदूरों की दरवाजे पर हुई मौत से खुशियां मातम में बदल गईं। मैनुद्दीन और गांव वाले निर्णय लिए कि सादगी के साथ शादी का कार्यक्रम संपन्न होगा। किसी तरह का बाजा या शहनाई नहीं बजेगी। करंट की चपेट में आए मजदूर मुबारक पडरौना गुप्ती शाहिद मजार के रहने वाले थे। वे अपने ससुराल बसहिया बनवीरपुर के नौका टोला निवासी मजनू दीवान के घर अपनी पत्नी तेतरी खातून और बच्चों के साथ रहते थे। मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। इसकी मौत के बाद परिवार के सामने दो वक्त की रोटी का संकट पैदा हो गया है। इसकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। मुस्तफा की अभी शादी नहीं हुई है, लेकिन घर की माली हालत ठीक नहीं होने के कारण वह टेंट में मजदूरी करता था, जिससे परिवार का गाड़ी चलती थी। मजदूरों की मौत के बाद शादी वाले घर में भी उदासी छा गई है। दरवाजे के अलावा खेत में लगने वाला टेंट रोक दिया गया। परिवार के सदस्योंं ने बताया कि सादगी के साथ सिर्फ शादी का रस्म पूरा किया जाएगा क्यों कि घटना बड़ी दुखद है, शादी आज ही नहीं तो इसे टाल भी दिया जाता।
शादी वाले घर के दरवाजे पर जहां सुबह से चहल-पहल थी, वहीं घटना के बाद सन्नाटा छा गया, जो जहां था वहीं पर बैठकर उपर वाले को कोेसता रहा। सीओ अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि मौके पर सिंधुआ चौकी इंचार्ज को नजर रखने का निर्देश दिया गया है।