गोडरिया। प्रदेश सरकार की प्रोत्साहन योजना और कृषि व उद्यान विभाग के सहयोग से कुशीनगर ने एग्रो बिजनेस के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। दुदही फाॅर्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (एफपीओ) को अपने हल्दी उत्पाद के लिए एगमार्क प्रमाणन मिला है।
यह जिले में खाद्यान व मसालों के क्षेत्र में पहला मौका है, जब किसी उत्पाद को यह प्रतिष्ठित प्रमाणन प्राप्त हुआ है। एगमार्क मिलने के बाद अब कुशीनगर की हल्दी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान, गुणवत्ता की सरकारी गारंटी और बेहतर बाजार उपलब्ध होगा। इसका सीधा लाभ जिले के किसानों को मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि भी होगी। एफपीओ के निदेशक मनोज कुशवाहा ने बताया कि वर्तमान में जनपद के 2062 किसान एफपीओ से जुड़कर वैज्ञानिक तरीके से हल्दी की खेती कर रहे हैं। किसानों से प्राप्त कच्ची हल्दी को एफपीओ स्तर पर प्रोसेस कर उच्च गुणवत्ता वाला हल्दी पाउडर तैयार किया जा रहा है।
इससे किसानों को बिचौलियों से मुक्ति मिली है और उन्हें अपने उत्पाद का सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि एगमार्क प्रमाणन से हल्दी की गुणवत्ता, शुद्धता और तय मानकों की सरकारी पुष्टि हो गई है। इससे जहां किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिलेगा, वहीं उपभोक्ताओं को भी शुद्ध और भरोसेमंद हल्दी उपलब्ध होगी। यह प्रमाणन भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय द्वारा प्रदान किया जाता है।
जिला उद्यान अधिकारी श्रीकृष्ण कुमार ने बताया कि जिले में 1000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में हल्दी की खेती की जा रही है। किसानों की सुविधा और उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए बांसगांव पिपरा टोला में हल्दी प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की गई है। दुदही एफपीओ को मिला एगमार्क प्रमाणन कुशीनगर के लिए मील का पत्थर साबित होगा। जनपद की पहचान उत्पादन केंद्र के रूप में स्थापित होगी।
झांसी मंडल में पहली बार एफपीओ के उत्पाद को मिला एगमार्क
इसी तरह झांसी के एक एफपीओ को दो श्रेणी के उत्पादों के लिए एगमार्क हासिल करने में सफलता मिली है। चिरगांव देहात स्थित श्री खाटू श्याम जी फॉर्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को खाद्यान्न और मसालों के उत्पादों के लिए एगमार्क प्रदान किया गया है। झांसी मंडल में पहली बार किसी एफपीओ के उत्पाद को एगमार्क प्रदान किया गया है।