फाजिलनगर। सभासद मनोनयन में वरिष्ठता की अनदेखी का आरोप लगाकर विधायक को काला झंडा दिखने के आरोपियों की जमानत अर्जी न्यायालय ने खारिज कर दी। उन्हें जेल भेज दिया गया।
शुक्रवार को फाजिलनगर कस्बे में आए फाजिलनगर विधायक सुरेंद्र कुमार कुशवाहा को पूर्व मंडल अध्यक्ष कुंवर सुबाष सिंह सहित कुछ कार्यकर्ताओं ने काला झंडा दिखाते हुए नारेबाजी की थी।
उनका आरोप था कि सभासदों के मनोनयन में लंबे समय से काम करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया गया है। इन लोगांे ने अपने चहेतों सभासद मनोनीत कराने का आरोप लगाया।
इस दौरान विधायक तो वहां से चले गए, लेकिन पार्टी कार्यकर्ता बिनोद कुशवाहा की शिकायत पर पुलिस ने कुंवर सुबाष सिंह के अलावा उनका साथ दे रहे संतोष बरनवाल और राधेश्याम मद्धेशिया को गिरफ्तार कर शांति भंग में तीनों का चालान कर दिया।
पुलिस ने शनिवार को तीनों को एसडीएम कोर्ट में पेश किया, जहां न्यायालय ने तीनों की जमानत अर्जी अस्वीकार कर दिया। इसके बाद तीनों लोगों को जेल भेज दिया गया। संवाद