पडरौना। शहर के बीच से गुजरी मुख्य पश्चिमी गंडक नहर की दूसरी पटरी पर करीब डेढ़ किलोमीटर तक टू-लेन सड़क का निर्माण कर बाईपास सड़क से जोड़ा जाएगा। इसके निर्माण होने से पहले से गंडक नहर की पटरी पर बनी सड़क पर वाहनों का दबाव कम होने के साथ नहर पार करने पर बनने वाली जाम की समस्या से लोगों को मुक्ति मिल जाएगी। यही नहीं शहर के रामधाम पोखरा पर स्वीकृत पुल निर्माण कार्य में तेजी आ गई है। पुल निर्माण की जद में आए दो घरों को तोड़ने के लिए संबंधित को नोटिस दे दिया गया है। यह दोनों निर्माण कार्य होने के बाद शहर में जाम की समस्या से लोगों को बहुत हद तक निजात मिल जाएगी।
नेपाल के झुलनीपुर से निकली मुख्य पश्चिमी गंडक नहर पडरौना शहर के बीच से गुजरते हुए तमकुहीराज के रास्ते बिहार की तरफ से गई है। गंडक नहर शहर के बीच से गुजरने के चलते शहर के लोगों को कहीं भी जाने के लिए इसको पार करना पड़ता है। इस गंडक नहर की उत्तरी पटरी पर पडरौना से नेपाल के झुलनीपुर तक टू-लेन सड़क का निर्माण कराया गया है। इस रास्ते कसया की तरफ से खड्डा, रामकोला, कप्तानगंज और नेपाल की तरफ से जाने वाले लोग नहर पर बने पुल को पार कर उत्तरी पटरी पर बनी सड़क से चले जाते हैं। लेकिन नहर के दोनों सड़क चौड़ा और इस पर बना पुल सकरा होने के नाते हर दिन जाम की समस्या बनी रहती है। इस समस्या को देखते हुए गंडक नहर पर बने सकरे पुल को चौड़ा करने का प्रस्ताव पहले ही स्वीकृत करा दिया गया है। लेकिन इस रास्ते कसया की तरफ से खड्डा, रामकोला, कप्तानगंज और नेपाल की तरफ से जाने वाले लोगों को पुल पार नहीं करना पड़े इसके लिए राज्य सभा सांसद आरपीएन सिंह की पहल पर शासन ने गंडक नहर की दक्षिणी पटरी पर करीब डेढ़ किलोमीटर टू-लेन सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली है। स्वीकृत यह सड़क आगे चलकर पडरौना बाईपास मार्ग में मिल जाएगी, जिसके रास्ते लोग आगे अपने गंतव्य की तरफ से चले जाएंगे। इस सड़क के निर्माण के लिए शासन ने 1.37 करोड़ रुपये की धनारिश स्वीकृत कर निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए 66 लाख रुपये जारी करते हुए पीडब्ल्यूडी को कार्यदायी संस्था नामित कर दिया है। नामित कार्यदायी संस्था निर्माण कार्य की अन्य प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र ही निर्माण कार्य भी शुरू करा देगी।
वहीं शहर के दरबार के पास स्थित रामधाम पोखरा पर बने पुल के रास्ते मंसाछापर, जटहां बाजार, नेबुआ नोरंगिया और खड्डा होते हुए बिहार तक के लोगों का आवागमन होता है। पोखरे पर बना पुल बीते करीब दो वर्ष पहले हुई मूसलाधार बारिश के दौरान एक हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। पीडब्ल्यूडी की तरफ से करीब एक सप्ताह तक मरम्मत कार्य कर आवागमन शुरू कराया था। मरम्मत कार्य के बाद छोटे वाहनों का तो आवागमन शुरू करा दिया, लेकिन भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया गया। इसके चलते मंसाछापर समेत आसपास गांवों में सामान लेकर जाने वाले भारी वाहनों को पांच से आठ किलोमीटर अधिक दूरी तय कर जाना पड़ता है। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। रामधाम पोखरा पर पुल बनाने की स्वीकृति मिलने के बाद जर्जर पड़े पुल को तोड़कर वहां टू-लेन का पुल बनाने के कार्य में तेजी आई गई। 2.03 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पुल का शिलान्यास भी हो चुका है। अब पुल निर्माण के लिए नामित कार्यदायी संस्था ने पुल निर्माण की जद में आने वाले दो घर के स्वामियों को नोटिस जारी किया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस पुल निर्माण के लिए हर जरूरी प्रक्रिया पूरी बहुत जल्द निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
शहर के रामधाम पोखरा पर बनने वाले टू-लेन पुल का शिलान्यास हो चुका है। पुल निर्माण की जद में आए दो घर के मालिकों को नोटिस दी गई है। उनका जवाब मिलने के बाद पुल निर्माण संबंधित आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं मुख्य पश्चिमी गंडक नहर की दक्षिणी पटरी पर करीब डेढ़ किलोमीटर टू-लेन सड़क का निर्माण कर बाईपास मार्ग से मिलाया जाएगा। इस सड़क के निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शीघ्र ही पुल का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- सुवेदार यादव, एई, पीडब्ल्यूडी।