लक्ष्मीगंज। रामकोला थाना क्षेत्र के केवलटोला गांव के सामने मंगलवार को लक्ष्मीगंज-कप्तानगंज रेलमार्ग पर 15 वर्षीय किशोर की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किशोर कान में इयरफोन लगाकर रेलवे ट्रैक पार कर रहा था। किशोर अपनी ममेरी बहन की शादी में शामिल होने आया था। इस घटना के बाद खुशी का माहौल मातम में बदल गया। बेटे का शव लेकर उसकी मां ससुराल चली गई।
विशुनपुरा थाना क्षेत्र के बंगाली पट्टी निवासी शंकर प्रसाद का पुत्र मंटू प्रसाद सोमवार की शाम मां आरती समेत बहनों के साथ ममेरी बहन के हल्दी समारोह में शामिल होने रामकोला थाना क्षेत्र के देवरिया बाबू गांव के केवल टोला में अपने मामा बबलू मौर्या के घर आए थे। मंगलवार सुबह करीब 8:45 बजे मंटू अपने किसी दोस्त के साथ रेलवे ढाले की तरफ चला गया था। उस समय परिवार के सभी लोग शादी के कार्यक्रम में व्यस्त थे।
गांव के लोगों ने बताया कि मंटू रेलवे लाइन पर चलते हुए कान में मोबाइल का लीड लगाकर गीत सुन रहा था। उसी दौरान गोरखपुर-सिवान पैसेंजर गाड़ी संख्या 55036 गोरखपुर से आ रही थी। ट्रेन चालक ने रेल लाइन के पास उसे देख हॉर्न भी बजाया, लेकिन मंटू को सुनाई नहीं दिया होगा। इसके चलते वह ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि साथ जा रहे उसके दोस्त ट्रेन को आते देख भाग गया। घटना के बाद आसपास के लोग जब तक रेलवे लाइन के पास पहुंचे तब तक घटना स्थल पर ही मंटू की मौत हो गई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि मंटू कक्षा आठवीं का छात्र था। वह छह बहनों में अकेला भाई था। मंटू की दो बहनों की शादी हो गई है, जबकि चार बहनें अभी पढ़ाई कर रही हैं। लक्ष्मीगंज चौकी प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। इयरफान लगाकर किशोर रेलवे ट्रैक की ओर गया था।
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अपनी बेटियों को लेकर घर लौट गई आरती
हल्दी के दिन सोमवार को अपनी बेटियों और एक बेटे मंटू के साथ आरती अपने घर विशुनपुरा थाना क्षेत्र के बंगाली पट्टी गांव से बडे भाई बबलू के घर देवरिया बाबू गांव के केवलटोला आ गई थी। भाई बबूल की बेटी की हल्दी सोमवार को और. शादी मंगलवार को थी। मंगलवार सुबह सभी लोग बारातियों के स्वागत की तैयारी कर रहे थे कि मंटू रेलवे लाइन पर चलने के कारण मंगलवार सुबह करीब 8.45 पर ट्रेन की चपेट में आकर मर गया। घटना के तुरंत बाद मंटू की बहनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया था ।आरती बार बार बेहोश हो जा रही थी। घटना के बाद ही आरती अपनी बेटियों को लेकर अपने घर बंगाली पट्टी लौट गई। बडे भाई बबलू ने बताया कि एकलौते भांजे की मृत्यु होने पर.बेटी की शादी मे मन नहीं लग रहा है।