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Kushinagar News: सप्ताह में एक दिन आता था झोला छाप, दलाल पहुंचाते थे मरीज

Thu, 16 Apr 2026 03:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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कसया। नगर के देवरिया मार्ग स्थित सिसवा महंथ में संचालित एक कथित आयुर्वेदिक अस्पताल पर कार्रवाई की आंच तेज हो गई है। मंगलवार को औषघि निरीक्षक दीपक पांडेय की जांच के दौरान डॉक्टर के फरार होने के बाद बुधवार को क्लिनिक पूरी तरह बंद मिला।
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मामले में अब स्वास्थ्य विभाग साक्ष्य जुटाकर आगे की कार्रवाई में जुटा है। झोला छाप बैग में अपने सहयोगियों के साथ दवा लेकर आता था और बंद पड़ी सीमेंट की दुकान में बैठक मरीजों का इलाज करता था।
स्थानीय लोगों के अनुसार उक्त क्लिनिक कई महीनों से एक कमरे में संचालित हो रहा था। हैरानी की बात यह है कि यहां मरीजों की अच्छी-खासी भीड़ जुटती थी। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के कुछ दलाल मरीजों को इस डॉक्टर तक पहुंचाते थे और इसके बदले कमीशन लेते थे।
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जानकारी के मुताबिक संबंधित डॉक्टर सप्ताह में केवल एक दिन ही क्लिनिक पर आता था, लेकिन फिर भी दूर-दराज से मरीज इलाज के लिए यहां पहुंचते थे। मंगलवार को औषध निरीक्षक के पहुंचने की भनक लगते ही डॉक्टर शटर बंद कर मौके से फरार हो गया। हड़बड़ी में वह अपना बैग पास की दुकान पर ही छोड़ गया और फिर वापस नहीं लौटा।
जांच के दौरान मरीजों को दी जा रही दवाओं के पर्चे पर “वैद्य पंडित एके तिवारी, गठिया रोग विशेषज्ञ” लिखा मिला, साथ ही एक रजिस्ट्रेशन नंबर भी अंकित था। हालांकि, इस रजिस्ट्रेशन नंबर की सत्यता संदिग्ध पाई गई है।
औषध निरीक्षक दीपक पांडेय ने बताया कि फर्जी तरीके से अस्पताल संचालन की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। मौके पर जांच की गई है और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले में जल्द ही विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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