पडरौना। मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को जल्द ही इंटीग्रेटेड लैब की सुविधा मिलगी। नई बिल्डिंग में नई लैब बनने से न केवल जांच का दायरा बढ़ेगा बल्कि लोगों को 24 घंटे जांच की सुविधा मिलेगी। अगर सब कुछ समयबद्ध तरीके से हुआ तो 15 अक्तूबर से पहले नई लैब में मरीजों को 117 जांच की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। हाईटेक मशीनों की खरीदारी पर एक करोड़ से अधिक रुपये खर्च होगा। थायरॉयड जांच के लिए नई मशीन आ गई है।
मेडिकल कॉलेज के नई बिल्डिंग में पैथालॉजी बनाया जाएगा। इसकी कवायद तेज हो गई हैं,लैब शुरू होने के बाद मरीजों को पहले की तुलना में अधिक जांच की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी।अभी मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी में करीब 80 प्रकार की जांच की जा रही हैं, जबकि इंटीग्रेटेड लैब में कुल जांच की संख्या बढ़कर 117 हो जाएगी। यानी इस लैब में 37 ऐसे जांचें शामिल होंगी, जिसकी सुविधा जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में नहीं मिल रही है। ऐसे में मरीजों को इन जांच को कराने के लिए निजी लैब में जेब ढीली करनी पड़ती है।
-
रोजाना 700 से 800 मरीजों की होगी जांच
-मेडिकल कॉलेज में रोजाना 1700 से 2200 मरीज आते हैं। मौजूदा पैथोलॉजी सेंटर कहने को तो 24 घंटे जांच के लिए है लेकिन दोपहर दो बजे के बाद से लेकर अगली सुबह आठ बजे के बीच किसी भी प्रकार के मरीजों की जांच नहीं होती है। इमरजेंसी में लोगों को जांच के लिए निजी पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ता है। इंटीग्रेटेड लैब की व्यवस्था को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। इसमें कुछ नई मशीनों की खरीद भी होनी है।
-
यूरिन कल्चर से लेकर खून के थक्के तक की होगी जांच
इंटीग्रेटेड लैब में 37 प्रकार के नई जांचे होंगी। इनमें यूरिन कल्चर से लेकर स्टूल कल्चर (आंत में संक्रमण का पता लगाने) की जांच की जाएगी। यहां तक पीटी-एनआर जांच की सुविधा भी मिलेगी। इसमें क्लॉटिंग की जांच होती है। इसके अलावा लैब में केमिकल के जरिए थायराइड की सटीक जांच होगी। इंफेक्शन जांच के लिए जरूरी ब्लड कल्चर, सीरम प्रोटीन जांच के तहत इलेक्ट्रोफोरसिस जांच भी होगी। साथ ही यहां पर पस, आयरन सीरम, मैग्निशियम की जांच की सुविधा भी मिलेगी।
-
सीएचसी पीएचसी से भी आएगा जांच का सैंपल
-यह लैब शुरू होने के बाद जिले के सभी सीएचसी पीएचसी पर अगर किसी मरीजों को विशेष जांच की जरूरत होगी तो वहां से डॉक्टर की सलाह पर लैब टेक्नीशियन से सैंपल निकलवा कर इस लैब में भेजेंगे। जांच के बाद मरीज की रिपोर्ट संबंधित सीएचसी-पीएचसी को भेज दी जाएगी।
कोट:::
इंटीग्रेटेड लैब की सुविधा जल्द शुरू हो जाएगी। इसके लिए काम चल रहा है। मशीनों की खरीदारी भी हो चुकी है। इससे मरीजों को जांच के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। नई बिल्डिंग में पैथालॉजी पूरी शिफ्ट हो जाएगी। -डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, सीएमएस