हाटा। नगर में हाईवे किनारे स्थित सिंचाई विभाग काॅलोनी के निर्माण में सरकारी धन के बंदरबांट का मामला सामने आया है। पुराने डाक बंगले और अन्य भवनों के पुनर्निर्माण में किए गए गोलमाल का मामला विधायक मोहन वर्मा ने सदन में उठाया है।
आरोप है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से पुराने भवनों के दीवार पर प्लास्टर कर उसी पर छत लगा दिया गया है। विधायक ने सदन में कहा कि हाटा सिंचाई कॉलोनी परिसर स्थित डाक बंगले का भवन पूरी तरह से निष्प्रयोज्य हो चुका था।
इसी परिसर में सहायक अभियंता प्रथम तथा सहायक अभियंता चतुर्थ एवं जिलेदार प्रथम तथा जिलेदार चतुर्थ का कार्यालय सहित अन्य भवन भी जर्जर थे। सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश शासन की ओर से इन भवनों के पुनर्निर्माण के लिए और विशेष मरम्मत मद के लिए दो करोड़ 49 लाख रुपये का बजट जारी किया। आरोप है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार ने पुराने भवनों की दीवारों के प्लास्टर को साफ करा कर उसी के ऊपर नई छत डाल दी और सरकारी धन का बंदरबांट कर लिया।
जबकि, नींव की खुदाई कराकर नयी नींव डालनी चाहिए थी और नई ईंट से दीवार बनाया जाना चाहिए था, पुरानी दीवार छिपाने के लिए प्लाटर कर उसका रंग रोगन कर दिया गया है। निर्माण में सीमेंट, सरिया व रेत का भी मानक के अनुरूप प्रयोग नहीं किया गया। विधायक ने सदन में सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अक्षय कुमार झा को भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार बताया। निर्माण के समय उन्हें बार-बार घटिया निर्माण के संबंध में चेताया गया, लेकिन कोई संज्ञान नहीं लिया।