कुशीनगर। कसया थाने में तैनात रहे आरोपी सिपाही उमाशंकर यादव और महेंद्र यादव की करतूत के बाद पुलिस महकमे में कार्रवाई का दौर जारी है। बृहस्पतिवार देर रात पुलिस अधीक्षक ने दरोगा समेत पांच पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। अब थानों, चौकियों और कार्यालयों में तैनात कारखास पुलिसकर्मियों की सूची तैयार कराई जा रही है। ऐसे पुलिसकर्मी भी जल्द कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
गोरखपुर में छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। इसी बीच कुशीनगर के कसया थाने में तैनात दो सिपाहियों की करतूत सामने आने से महकमे में हड़कंप मच गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने दोनों सिपाहियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दोनों आरोपी वर्तमान में जेल में हैं।
गोरखपुर में दागी सिपाही को डायल-112 में तैनाती देने के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान नाराजगी जताई थी। इसके बाद पुलिस विभाग ने दागी और विवादित छवि वाले पुलिसकर्मियों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है।