पनियहवा में रेलवे की भूमि से अतिक्रमण हटा जेसीबी। संवाद
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छितौनी। यूपी-बिहार की सीमा से सटे पनियहवा चौराहे पर रेलवे की भूमि पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ बुधवार को स्थानीय प्रशासन और रेलवे की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर कार्रवाई की। इस दौरान रेलवे की जमीन पर हुए अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही। इससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
गोरखपुर-नरकटियागंज रेलखंड के किनारे पनियहवा चौराहे पर रेलवे की भूमि पर बड़ी संख्या में मछली-भुजा की दुकानें और करीब एक दर्जन छप्पर, फूस और कटरैन की अन्य दुकानें चल रही थीं। पश्चिम चंपारण जिले के विभिन्न प्रखंडों के अलावा पूर्वी चंपारण, गोपालगंज समेत अन्य जिलों से लोग यहां आते थे। कुशीनगर, महराजगंज, देवरिया और गोरखपुर जनपदों से भी पर्यटकों एवं राहगीरों की भीड़ जुटती थी।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के मेमो पर पिछले साल 20 मई को भी नोटिस जारी कर दुकानों को हटवाया गया था, लेकिन कुछ महीनों बाद फिर से रेलवे की भूमि पर कब्जा कर दुकानें और अस्थायी निर्माण कर लिए गए। हाल ही में रेलवे प्रशासन ने दोबारा नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। नोटिस के बाद 15-20 दुकानदारों ने स्वयं दुकानें हटा लीं, जबकि शेष लोगों ने कब्जा बरकरार रखा। इसके बाद बुधवार को प्रशासनिक और रेलवे अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि रेलवे भूमि पर अवैध कब्जे को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और दोबारा कब्जा करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान खड्डा नायब तहसीलदार अभिषेक कुमार, सीनियर सेक्शन इंजीनियर (कार्य) केएस लाल, हनुमानगंज थाने के उपनिरीक्षक संतोष यादव, विवेक तिवारी, जीआरपी चौकी प्रभारी पनियहवा गोपाल यादव, आरपीएफ उपनिरीक्षक राजकुमार आदि मौजूद रहे।