पडरौना/तमकुहीरोड। बिहार के बेतिया से कुशीनगर के सेवरही तक हाईवे का निर्माण होगा। बेतिया के मनुआपुल से गंडक नदी के रास्ते सेवरही के तिवारी पट्टी को जोड़ने वाली 29.24 किलोमीटर फोरलेन सड़क बनेगी। गंडक नदी पर पुल भी बनेगा। सड़क व पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
बिहार सरकार की तरफ से निर्माण कार्य की जद में आने वाले किसानों को भूमि अधिग्रहण के लिए नोटिस देने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके बाद किसानों से प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण कर भूमि का मुआवजा वितरित कर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इस निर्माण के कार्य पूरा होने के बाद सेवरही से बेतिया की दूरी 160 किमी से घटकर मात्र 27 किलोमीटर हो जाएगी। इसके अलावा गंडक किनारे बसे दियारा व सेवरही क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। यूपी का सेवरही और बिहार का बेतिया सीमावर्ती क्षेत्र के महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र हैं।
इन दोनों शहरों के बीच में बहने वाली गंडक नदी के चलते इन शहरों को अब तक सड़क मार्ग से नहीं जोड़ा जा सका है। इसके चलते सेवरही सहित दियारा क्षेत्र विकास की धारा से कोसों दूर है। वहीं गंडक नदी के रास्ते सेवरही व बेतिया को जोड़ने की मांग यूपी और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र के लोग काफी समय से करते आ रहे हैं।
क्षेत्र के लोगों की मांग और क्षेत्र के प्रमुखता को देखते हुए केंद्रीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की तरफ से 3294.16 करोड़ की लागत 29.22 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क और गंडक नदी पर पुल निर्माण की मंजूरी दी गई है। सड़क निर्माण के अलावा गंडक नदी पर बनने वाला पुल की लंबाई 11.24 किमी होगी। इसके लिए एनएच प्राधिकरण और बिहार के अधिकारियों की तरफ से सर्वे कर भूमि का सीमांकन व पुल निर्माण के लिए स्थान भी चिन्हित किया जा चुका है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की तरफ से जारी अभिलेख के अनुसार इस सड़क और पुल का निर्माण बेतिया (बिहार) के मनुआपुल एनएच-727 से सेवरही (यूपी) के तिवारी पट्टी एनएच- 720 के बीच होना है। इसमें सड़क व पुल दोनों की कुल लंबाई 29.22 किलोमीटर होगी, जिसमें 27.18 किलोमीटर निर्माण कार्य बिहार और महज 2.04 किलोमीटर सड़क का निर्माण यूपी क्षेत्र में होगा। इस सड़क और पुल के निर्माण की मंजूरी मिलते ही बिहार सरकार की तरफ से चिन्हित भूमि के अधिग्रहण करने के लिए किसानों को नोटिस देने का कार्य शुरू करा दिया गया है। नोटिस लेने के बाद किसानों की तरफ से मिली आपत्तियों का निस्तारण होगा।
इसके बाद अधिग्रहित भूमि का मुआवजा देने का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। बेतिया के जिला भू- अर्जन अधिकारी अमरेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारियों की देखरेख में बीते 14, 15 और 16 सितंबर को पटजिरवा, श्रीनगर, ठकरहा, भरपटिया, पिपरा नौरंगिया आदि गांव में कैंप लगा कर किसानों को नोटिस दी गई है। उन्हें एक माह के अंदर अपने जमीन का संपूर्ण कागजात जिला भू-अर्जन कार्यालय बेतिया में जमा कराने और उनकी तरफ से होने वाली आपत्तियां मांगी गई हैं।
इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के लिए लंबे समय तक संघर्ष करने वाले सेवरही नगर पंचायत से चेयरमैन व सड़क पुल निर्माण संघर्ष समिति के संयोजक श्यामसुंदर विश्वकर्मा, पक्का पुल निर्माण समिति ठकरहा के अध्यक्ष डाॅ. निजामुद्दीन अली, श्रीराम सेतु निर्माण समिति पिपराघाट के अध्यक्ष श्रीकांत मिश्र, मायाशंकर निर्गुणायत, अमरनाथ गुप्ता, पप्पू जायसवाल, नीरज गुप्ता, राहुल सोनी, चंद्रमा शर्मा आदि प्रसन्नता जताई है। इन लोगों का कहना है कि इस सड़क पुल के निर्माण से न केवल बेतिया की दूरी 160 किमी से घट कर मात्र 27 किमी हो जाएगी।