खड्डा। यूपी-बिहार सीमा पर अवैध शराब तस्करी का नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है। ताजा मामले में महराजगंज से ईंट लादकर बिहार जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से 1386 लीटर विदेशी शराब बरामद होने के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सबसे हैरानी की बात यह रही कि शराब से लदी ट्रॉली महराजगंज से निकलकर कुशीनगर जिले के हनुमानगंज थाना, खड्डा क्षेत्र, पनियहवा पुल और सालिकपुर चौकी जैसे कई चेकपोस्ट पार करती हुई बिहार पहुंच गई, लेकिन रास्ते में किसी भी पुलिस या आबकारी टीम को इसकी भनक तक नहीं लगी।
बिहार के नौरंगिया थाना क्षेत्र के बेलहवा रोड पर बृहस्पतिवार की रात पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान ईंट लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोककर तलाशी ली गई। जब ईंटें हटवाई गईं तो नीचे से अलग-अलग ब्रांड की 1386 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी पहचान शिकारपुर थाना क्षेत्र निवासी आदित्य चौधरी और लक्ष्मण कुमार के रूप में हुई है।
उत्पाद इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार ने बताया कि शराब यूपी से बिहार लाई जा रही थी। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए शराब को ईंटों के नीचे छिपा रखा था। दोनों आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जेल भिजवा दिया गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पनियहवा पुल मार्ग से प्रतिदिन करीब 100 से अधिक ईंट लदी ट्रॉलियां बिहार जाती हैं। ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में शराब लेकर ट्रॉली का कई थाना क्षेत्रों और चेकपोस्ट से गुजर जाना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रहा है।
लोगों का कहना है कि बिहार में शराबबंदी के चलते सीमावर्ती इलाकों में तस्करी का नेटवर्क तेजी से सक्रिय हुआ है। भारी मुनाफे के लालच में तस्कर रोज नए तरीके अपना रहे हैं। कभी भूसे, कभी सब्जी तो अब ईंटों के नीचे शराब छिपाकर बिहार भेजी जा रही है।
इसके बावजूद यूपी पुलिस और आबकारी विभाग की ओर से प्रभावी निगरानी नहीं दिखाई दे रही है।उत्पाद इंस्पेक्टर बगहा प्रमोद कुमार ने बताया कि शराब की खेप पनियहवा पुल के रास्ते बिहार में दाखिल हुई थी। खेप रामनगर भेजी जानी थी। बैच नंबर के आधार पर जांच की जा रही है।