खड्डा। क्षेत्र के कई जगहों पर इन दिनों अवैध कांटा लगाकर कम दामों पर गन्ना क्रय किया जा रहा है। ऐसे कांटे पर जुगाड़ के सहारे तौल करके भी किसानों को आर्थिक चोट पहुंचाई जा रही है। गन्ना विभाग और बाट-माप विभाग मौन है।
खड्डा क्षेत्र के किसानों को चीनी मिल ने अब तक भुगतान नहीं किया गया है और इसके साथ ही जरूरतमंदों को सप्लाई टिकट के लिए भी इस ठंड में गर्मी का एहसास कराया जा रहा है। लोगों की इसी मजबूरी का फायदा उठाते हुए कई गन्ना खरीदार सक्रिय हो गए हैं। किसानों का आरोप है कि इनकी चीनी मिल के कुछ जिम्मेदार लोगों के साथ सेटिंग है। गन्ना माफिया के नाम से प्रचलित इन लोगों को सप्लाई टिकट धड़ल्ले से मिल रहे हैं। किसान मजबूरी में 150 से लेकर 180 रुपये प्रति क्विंटल तक गन्ना बेचने को मजबूर हैं। खड्डा क्षेत्र के बंजारीपट्टी, लखुआ, लखई, शाहपुर, नौरंगिया, बहोराछपरा, सोहरौना, विशुनपुरा आदि जगहों पर बकायदे कांटा लगाकर गन्ना तौल करके खरीद हो रही है और सरकारी रेट पर गन्ना मिलों को सप्लाई करके लाभ कमाया जा रहा है। एक तरफ जहां कम दाम पर गन्ना बेचने के लिए किसान मजबूर हैं, वहीं धर्मकांटा से भी सेटिंग कर घटतौली की जा रही है। क्षेत्र के शाहपुर नौका टोला में एक कांटा लगाकर गन्ना क्रय किया जा रहा है। वहां के कांटे में पत्थर टांग कर बैलेंस का जुगाड़ तकनीकी अपना कर किसानाें को लूटा जा रहा है। खून-पसीने की कमाई को मजबूरी में गन्ना किसान बेचने पर मजबूर है और बिचौलिएं चांदी काट रहे हैं। इस संबंध में जिला गन्ना अधिकारी डीके सैनी का कहना है कि अवैध क्रय केंद्रों का मामला संज्ञान में आया है। डीआई को जांच करने का निर्देश दिया गया है। इन केंद्रों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। बाट-माप के लिए मेरे स्तर से कुछ नहीं हो सकता है।