पडरौना। कड़ाके की इस ठंड में नगरपालिका प्रशासन की ओर से बनाया गया रैन बसेरा दिखावा साबित हो रहा है। बिस्तर के नाम पर केवल पुआल डालकर छोड़ दिया गया है, जहां अंदर कुत्ते सोते हैं। बाहर गंदगी के चलते सुअर मंडराते हैं। रोडवेज परिसर में बने इस रैन बसेरा में दिन ढलते ही नशेड़ियों का जमावड़ा लगने लगता है। इस वजह से कोई मुसाफिर यहां ठहरना नहीं चाहता।
ठंड में यात्रियों की सुविधा के लिहाज से रोडवेज परिसर में टेंट डालकर रैन बसेरा बनाया गया है। इसके अलावा नजदीक में ही दो दुकानों को भी रैन बसेरा के लिए लिया गया है लेकिन इसके लिए उचित प्रबंध न होने की वजह से यह यात्रियों के काम नहीं आ रहा है। रोडवेज परिसर में अस्थाई रूप से रैन बसेरा ऐसी जगह बनाया गया है, जिसके बगल में ही काफी गंदगी है। अंदर यात्रियों के ठहरने के लिए बिस्तर या दरी की बजाय केवल पुआल डालकर छोड़ दिया गया है। मंगलवार को रोडवेज के बरामदे में बनाए गए रैनबसेरा में कुत्ते आराम करते दिखे। वहीं बाहर सुअर विचरण कर रहे थे। परिसर में स्थित दो दुकानों के लिए बने कमरों को भी रैन बसेरा के लिए इस्तेमाल किया गया है। इन कमरों में इतनी भी जगह नहीं है कि चार-पांच लोग भी ठीक से सो सकें। इस वजह से यात्री यहां ठहरना नहीं चाहते। मंगलवार की शाम को इनमें से एक दुकान का शटर बंद था तो दूसरे का आधा खुला था। लोगों ने बताया कि शाम होते ही रोडवेज परिसर में नशेड़ियों का जमावड़ा होने लगता है। पडरौना नगर के निवासी श्रवण बताते हैं कि यह रैन बसेरा केवल दिखावा मात्र है। गंदगी और सुविधा के अभाव में यात्री इसमें ठहरना नहीं चाहते। नगर के ही अजय गुप्ता बताते हैं कि रैन बसेरा जहां बना है, वहां सफाई नहीं है। यात्री सड़क पर भी टहलते रह जाते हैं। नगर पालिका की अध्यक्ष शिवकुमारी देवी कहती है कि इस रैनबसेरा को इस लिए बनाया गया है कि अगर कोई यात्री, निराश्रित या गरीब आ गया तो वह वहां कुछ देर रुककर आराम कर ले। इसके लिए कंबल, दरी और अलाव की व्यवस्था कराई गई है। नगर पालिका के एक आदमी को तैनात किया गया है। अब उसमें कुत्ते और सुअर आ जा रहे हैं तो मैं क्या करूं।