कसया। वर्ष 2013 कुशीनगर के पर्यटन विकास के क्षेत्र में कई सुखद अनुभूति छोड़ गया है। वर्ष पर्यंत पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए छोटे-छोटे कार्य तो होते ही रहे पर साल के अंत में मैत्रेय परियोजना के शिलान्यास और विश्व बैंक टीम का दौरा, पर्यटन क्षेत्र को बड़ी उम्मीद दे गया।
पर्यटन विकास के लिए 13 नवंबर को विश्व बैंक की टीम ने कुशीनगर का दौरा किया। विश्व बैंक की योजना से बुद्धकालीन हिरण्यवती नदी के कायाकल्प की उम्मीद जगी है। नदी के कायाकल्प से होने वाले पर्यटन विकास, जल और पर्यावरण संरक्षण से लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं। दिसंबर की 13 तारीख को कुशीनगर आकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मैत्रेय परियोजना का शिलान्यास किया। किसानों के विरोध के कारण परियोजना का आकार भले ही छोटा हो गया पर परियोजना समर्थक और पर्यटन कारोबारी इस आकार की परियोजना को भी सुखद मान रहे हैं। कुशीनगर आने वाले विदेशी पर्यटकों को प्रसाधन के लिए भटकना पड़ता था। पर्यटन विभाग ने पर्यटकों की मुश्किलें हल कर दी हैं। महापरिनिर्वाण पथ पर बन रहा विश्वस्तरीय प्रसाधन केंद्र सुखद अहसास कराने वाला है। नगर पंचायत ने भी इस दिशा में प्रयास करते हुए पथ के कई स्थानों पर वाटर प्वाइंट की स्थापना कराई है। वर्ष 2013 को कुशीनगर के साहित्य प्रेमी भी याद करेंगे। डीएम रिग्जियान सैम्फिल के प्रयासों से राजकीय बौद्ध संग्रहालय में बनी लाइब्रेरी शिक्षकों, छात्रों और प्रबुद्धजनों को खूब भा रही है। कुशीनगर में जन्म लिए महाकवि सच्चिदानंद हीरानंद वात्सयायन अज्ञेय की याद में अज्ञेय स्मृति सभागार की स्थापना के लिए वर्ष 2013 को जाना जाएगा।
कोट
जिले के लिए पर्यटन विकास से बड़ी चुनौती इंसेफेलाइटिस से हो रही मासूम बच्चों की मौतों को रोकने की है। विश्व बैंक का प्रो पुअर टूरिज्म डेवलपमेंट प्रोग्राम भी इस दिशा में कारगर होगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में हम पिछड़े रहे। योजनाओं में समन्वय बनाने की आवश्यकता है। ताकि सभी क्षेत्रों में समान रूप से विकास हो। 2014 के लिए यही कोशिश होगी।
रिग्जियान सैंफिल, डीएम