लक्ष्मीगंज। चीनी मिलों के चलने की निश्चित तिथि नहीं है। गन्ना मूल्य भी घोषित नहीं हो सका है। इससे किसान असमंजस में हैं। किसान अपना गन्ना क्रेशर वालों को औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर है। किसान नेताओं एवं संगठनों ने गन्ना मूल्य 400 रुपये कुंटल घोषित करने की मांग की है। शीघ्र गन्ना मूल्य घोषित नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
गन्ना इस क्षेत्र की नकदी फसल है। किसान उसी से बच्चों की पढ़ाई, दवाई और बेटी की शादी के लिए इंतजाम करते हैं। किसान पेड़ी गन्ना बेचकर खाली खेत में गेहूं बोते हैं। नवंबर आधा से ज्यादा बीत चुका है, लेकिन एक भी चीनी मिल नहीं चली। इससे किसान अपना गन्ना क्रेशर पर बेचने को मजबूर हैं। गन्ना मूल्य घोषित नहीं होने के कारण क्रेशर वाले भी गन्ने का उचित दाम देने से कतरा रहे है। किसान नेता अरुण कुमार सिंह, किसान संगठन के रामाश्रय वर्मा, चंद्रभान सिंह व पहलवान सिंह आदि लोगों ने मांग की है कि महंगाई को देखते हुए सरकार गन्ने का मूल्य 400 रुपये कुंटल घोषित करे। यदि सरकार ने शीघ्र गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया तो आंदोलन की किया जाएगा।